श्रीमदभागवत कथा में सती चरित्र सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
PRATAPGARH NEWS: लालगंज नगर के सांगीपुर वार्ड स्थित श्रीरामजानकी सभागार में हो रही श्रीमदभागवत कथा में सोमवार को सती चरित्र एवं धु्रव चरित्र का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथाव्यास पं0 माधवपति त्रिपाठी महराज जी ने कहा कि भगवान कन्हैया का स्वरूप हमारी आध्यात्मिक चेतना को भव्यता प्रदान करता है। उन्होने बताया कि भगवान बिना किसी भेदभाव के अपने हर भक्त पर समान कृपा रखा करते हैं। कथाव्यास माधवपति जी ने कहा कि कृष्णावतार हमें सदैव सत्य पथ पर अडिग रहने की शक्ति प्रदान किया करता है। उन्होने कहा कि भगवान का स्मरण पवित्र मन से करना ही फलदायी हुआ करता है। उन्होने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला निष्काम भाव से संसार को सुख प्रदान किया करती है। उन्होने कहा कि श्रद्धा व भक्तिपूर्वक राधे राधे का जाप करने से प्रभु की दयालुता एवं करूणा प्राप्त हुआ करती है। उन्होने कहा कि भगवान की कृपा का सबसे सुगम उपाय कलिकाल में हरिनाम जाप है। कथा के संयोजक पूर्व उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 पुरूषोत्तम शुक्ल एवं दयावती शुक्ला ने व्यासपीठ का भावपूर्ण पूजन अर्चन किया। संचालन अधिवक्ता जयकृष्ण शुक्ल ने किया। वहीं डा0 आशीष शुक्ल तथा सूर्य नारायण तिवारी, इं0 आनन्द त्रिपाठी, शिवाकांत तिवारी, देवेन्द्र ने कथाव्यास को माल्यार्पण एवं भगवान श्रीकृष्ण का चित्र प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत डा0 रमेशचंद्र पाण्डेय व डा0 पीयूष पाण्डेय ने श्रद्धालुओं का तिलक अभिषेक किया। आभार प्रदर्शन शिक्षिका रीतू शुक्ला ने किया। इस मौके पर डॉ0 राजकुमार पाण्डेय, डॉ0 ज्ञानेन्द्रनाथ त्रिपाठी, कमलेश तिवारी, आचार्य रामअवधेश मिश्र, दीनानाथ तिवारी, रामअवध तिवारी, शिवकृपाल शुक्ल, राजेश तिवारी, दिवाकरनाथ शुक्ल, गिरीश मिश्र, आचार्य राजेश मिश्र, दीपक शुक्ला आदि रहे।







