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भगवान का स्मरण मात्र से जीवन का उदय होता है मंगल:आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री

बाबा बूढ़ेश्वरनाथ धाम में कथा विश्राम पर हुए भण्डारे मे उमड़े श्रद्धालु

PRATAPGARH NEWS: सांगीपुर क्षेत्र के देउम स्थित बूढ़ेश्वरनाथ धाम में श्रीमदभागवत कथा के विश्राम दिवस पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दिखी। वहीं बुधवार को धाम में हुए भण्डारे में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। कथाव्यास पं. आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमदभागवतगीता में सबसे बड़ा संदेश लोक मंगल के लिए भगवत स्मरण का है। उन्होने कहा कि कलिकाल में भगवान के स्मरण मात्र से जीव का कल्याण सुनिश्चित हुआ करता है। कथाव्यास मनीष कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि सुदामा भगवान के प्रति सदैव अनुरक्त रहे। उन्होने कहा कि धन और वैभव से सुदामा जी की विरक्ति के कारण ही उन्हें भगवान की सर्वश्रेष्ठ कृपा का प्रसाद मिला। कथा के दौरान आयोजन समिति के संयोजक अरूणेश मिश्र व रामकृष्ण मिश्र नगरहा ने संस्कृत विद्वान आचार्य अरूणेशपति त्रिपाठी जी का अंगवस्त्रम तथा धार्मिक ग्रन्थ प्रदान कर सम्मान किया। वहीं बुधवार को कथा को लेकर हुए भण्डारे में श्रद्धालुओं ने देर शाम तक भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार पवन प्रखर व शिक्षक हृदय नारायण मिश्र ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, एसएन त्रिपाठी, विष्णु सिंह, फूलचंद्र पाण्डेय, सुजीत तिवारी, अखिलेश मिश्र, आदि रहे। आभार प्रदर्शन पं0 पीयूष कृष्ण शास्त्री ने किया।