JHANSI NEWS: कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि डाॅ राजेन्द्र प्रसाद स्टेट कन्वेनर एन ए एम एस, विशिष्ट अतिथि प्रो० नरेंद्र सिंह सेंगर, संरक्षक, प्रधानाचार्य डा० मयंक सिंह की उपस्थिति में यह कार्यशाला बाल रोग विभाग एवं क्म्यूनिटी मेडीसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इसमें सर्वप्रथम डाॅ बी०एल० वर्मा, एमरिटस प्रोफेसर एन ए ऐम एस द्वारा बताया गया कि रिसर्च के क्षेत्र में क्या-क्या कमियां हैं, एवं रिसर्च जनरल में कैसे अपने रिसर्च आर्टिकल को प्रकाशित कराना है। प्रतापगढ़ से आईं प्रधानाचार्य डाॅ रश्मि यादव, ने बताया कि रिसर्च सम्बन्धी प्रश्न कैसे बनाते हैं एवं कैसे उसका टाईटल लिखते हैं। सैफई से आये डाॅ सुशील कुमार शुक्ला ने बताया, कि रिसर्च में क्या-क्या गलतियां हो सकती हैं, एवं क्या-क्या रिसर्च समबन्धी सांख्यिकी टैस्ट कैसे लगाते हैं। डाॅ मनीषा दुबे लखनऊ ने बताया कि कैसे रिसर्च करते समय सैम्पल/नमूने लेने चाहिए, और सैम्पल लेते समय क्या-क्या गल्तिया हो जाती हैं। डाॅ आशीष अवस्थी, सी डी आर आई लखनऊ एव डाॅ प्रद्यूमन वर्मा, ललितपुर ने बताया, कि रिसर्च करते समय कौन – कौन से साफ्टवेयर हैं, और उनको कैसे उपयोग में लाना चाहिये। कोई भी रिसर्च आर्टिकल एआई या चैट जी पी टी से बनाकर प्रकाशित होने नही भेजना चाहिए, बल्कि अपना स्वंय का एनालेसिस करके तभी कही पेपर भेजना चाहिए।
डा राजीव सिन्हा, ने बताया की नीतियां (एथिक्स) एवं नीतियों का निर्धारण बहुत ही ईमानदारी से करना चाहिये, किसी का रिसर्च आर्टिकल लेकर बिना एनालेसिस करके प्रकाशन हेतु भेजना उचित नही है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ आराधना कनकने एवं डा० अनुज सेठी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव डाॅ ओम शंकर चौरसिया ने प्रकट किया । भविष्य में ऐसी कार्यशाला आयोजित करके यंग फैक्लटी मेंबर्स, रेजीडेन्टस एवं शोधार्थियों को उच्च क्वालिटी की रिसर्च क्षमता विकसित कराने हेतु कराई जायेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में डा० सपना गुप्ता, डा० कंवलप्रीत छाबड़ा, डा० नुपूर पांडे, डा० बी० एल० वर्मा, डा० राजीव सिन्हा, डा० पी० के० जैन, डा० डी० सी० गोविल, डा० मंजू गोविल, डा० नीरज श्रीवास्तव, डा० अंशुल जैन, डा० सिप्पी अग्रवाल, डा० प्रदीप श्रीवास्तव, डा० जकी सिद्दीकी, डा० मांडवी अग्रवाल, डा० दिनेश राजपूत, डा० रघुवीर मांडलोइ, डा० पंकज मुश्तारिया, डा० सुधा शर्मा, डा० विमल आर्या, डा० मनी गोयल, डा० भारती, डा० मेहेर बानो, डा० शोभा चतुर्वेदी, डा० कुलदीप चन्देल, डा० अरविन्द कनकने, डा० सुधीर कुमार, डा० नीरज बनौरिया, अमित कुशवाहा, बृजेन्द्र सिंह, राहुल, महेंद्र आदि का सराहनीय योगदान रहा।







