28 वर्ष से कर रहे सनातन धर्म की सेवा,कहा कि सनातन धर्म करता है विश्व कल्याण की कामना
प्रातःकाल एक्सप्रेस
प्रयागराज। किन्नर अखाडा के नवनियुक्त श्रीमहंत स्वामी कैलाशनंद गिरि महराज है, जो 28 वर्ष से सनातन धर्म की सेवा और प्रचार – प्रसार कर रहे है। उन्होंने बताया कि वह बांग्लामुखी और काल भैरव के साधक है। इस साधना से जहां उनको आत्मिक शांति, सनातन की सेवा और विश्व कल्याण की ओर उनके कदम बढ रहे है।
किन्नर अखाडा के नवनियुक्त श्रीमहंत स्वामी कैलाशनंद गिरि महराज राजस्थान के तख्तगढ, पाली है। उनका बचपन से रूझान सनातन धर्म की ओर था, वह साधना के साथ ईश्वर भक्ति की ओर रमते गये। वह काली कमली वाले बाबा से जुडे रहे और उनके सानिध्य में तंत्र – मंत्र की साधना करते रहे। किन्नर अखाड़ा झारखंड की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी राजेश्वरी नंद गिरि (रोज मौसी) से जुडे और उनको अपना गुरू मानते हुए किन्नर अखाड़ा में श्रीमहंत बन गये है।
किन्नर अखाडा के नवनियुक्त श्रीमहंत स्वामी कैलाशनंद गिरि महराज ने बताया कि अब सनानत धर्म में रहकर सनातन की सेवा करना है, भगवद भजन करते हुए लोगों की समस्याओं का निवारण, विश्व कल्याण की कामना करना है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म की प्राचीनकाल से शाश्वत चला आ रहा है, यह विश्व कल्याण, लोगों की भलाई और सेवा के साथ संरक्षण देता है जबकि विश्व में जो भी अपने को धर्म कहते है लेकिन वह पंथ है जो सिर्फ अपने कुछ लोगों के भलाई की सोचते है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म दिनो दिन मजबूत हो रहा है उससे बडी संख्या मे लोग जुड रहे है, ऐसे में आने वाले समय में सनातन धर्म का भविष्य उज्जवल है।







