Home आस्था बहत्तर ताबूत में उमड़ा अक़ीदमन्दों का सैलाब देश भर से आए जायरीन

बहत्तर ताबूत में उमड़ा अक़ीदमन्दों का सैलाब देश भर से आए जायरीन

दर्दअंगेज़ मंज़रकशी से आंखें हुईं अश्कबार
पुराने शहर में छाई रही रंजो ग़म की फिज़ा
PRAYAGRAJ NEWS: अन्जुमन खुद्दाम ए मोजिज़नुमा रजिस्टर्ड के तत्वावधान में दरयिबाद स्थित इमामबाड़ा जद्दन मीर साहब से कर्बला के बहत्तर शहीदों का जुलूस आक़ीदत व ऐहतेराम के साथ निकाला गया।मंज़र आल हिन्दी ने सोज़ व सलाम पढ़ा।ज़रखेज़ नजीब ने हज़ारों ने हज़ारों सोगवारों को खिताब किया।फिर एक एक करके ताबूत निकाले गए। प्रत्येक शहीद की वीरता व जंग के हुनर जौनपुर से आए मौलाना शारिब अब्बास ने मार्मिक अन्दाज में पेश किया जिसे सुन कर अक़ीदतमन्दों की आंखें डबडबा आईं।जायरीनों ने सभी ताबूतों पर अश्कों का नज़राना पेश किया और फूल माला चढ़ा कर मन्नत व मुरादें मांगी।ताबूतों की जियारत और बोसा लेने को हर तरफ से हांथ बढ़े। प्रयागराज के साथ पड़ोसी जनपदों से भी बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद शामिल रहे।देश के अन्य प्रदेशों व शहरों से भी भारी संख्या में अक़ीदतमंद शामिल हुए।आयोजक संस्था अन्जुमन खुद्दाम ए मोजिज़नुमा रजिस्टर्ड दरियाबाद के अध्यक्ष एडवोकेट सैय्यद रज़ा हसनैन के अनुसार स्टेज के बग़ल में बहत्तर अलम विशाल कटआउट भी लगाया गया जिसे देखने अक़ीदतमंदों का हुजूम ईर्द गिर्द डटा रहा। अन्जुमन खुद्दाम ए मोजिज़नुमा रजिस्टर्ड के सह निदेशक सैय्यद मोहम्मद अस्करी ने बताया की सढ़सठ दिवसीय अज़ादारी के इस विशालतम जुलूस का असर पुराने शहर में देखने को मिला।हर तरफ से लोग दरियाबाद की ओर आते और जाते दिखे।जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों की ओर से लगभग चालिस स्थानों पर निःशुल्क पानी,चाय,बिस्किट,दाल चावल,रोटी कीमा,शर्बत,मटर चाट व खिचड़े अक़ीदतमंदों में वितरित किया जाता रहा।पुरे कार्यक्रम को आफताब ए निज़ामत बहलोले ए हिन्द अंतरराष्ट्रीय संचालक नजीब इलाहाबादी के संचालन में अंजाम दिया गया।बड़ा ताजिया,बुड्ढा ताजिया, ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी,झूला कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।इसरार नियाज़ी,वज़ीर खां पार्षद फसाहत हुसैन आदि मौजूद रहे।काफिला ए बनी असद की मंज़रकशी अन्जुमन हैदरी महमूदाबाद स्टेट सीतापुर ने की।यादे सकीना का मंज़र अन्जुमन नक़विया रजिस्टर्ड द्वारा मसाएबी नौसा पढ़ते हुए किया अन्जुमन के सदस्यों ने कैदखाना ए सकीना के सामने ज़न्जीर का मातम किया। मौलाना नज़र मोहम्मद ज़ैनबी ने दरियाबाद क़ब्रिस्तान में बनाए गए विशाल स्टेज से बीबी सकीना के साथ हुए ज़ुल्म पर विस्तृत प्रकाश डाला। इमामबाड़ा प्रांगड़ से महमूदाबाद स्टेट सीतापुर की अन्जुमन हैदरी सभी तर्बरुक़ात के साथ क़ब्रिस्तान तक जुलूस लेकर गई उसके पीछे अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया अपने पांच सौ सदस्यों के साथ जुलूस में शामिल रही।इसके साथ मोहाफिज़े अज़ा क़दीम झूला हज़रत अली असगर को लेकर जुलूस में शामिल रही। अन्जुमन आले अतहार साखनी बुलन्दशहर,नासिरुल अज़ा कोराली, अन्जुमन सज्जादिया जौनपुर, अन्जुमन अब्बासिया करारी कौशाम्बी अन्जुमन गुलज़ार ए क़ासमी इलाहाबाद, अन्जुमन अब्बासिया दांदूपुर अन्जुमन हुसैनिया जलालपुर, अन्जुमन अब्बासिया क़दीम मंझनपुर कौशाम्बी ऐतिहासिक बहत्तर ताबूत में शिरकत की।मातमी कार्यक्रम का आग़ाज़ मंज़रुल हिन्दी की सोजख्वानी व शबीहुल हसन जौनपुर की मुनाजात से हुआ। महमूदाबाद स्टेट सीतापुर के नौहाख्वान मज़हर हुसैन व करारी कौशाम्बी अन्जुमन अब्बासिया के नौहाख्वान हमूद रिज़वी उर्फ शेरा भाई ने खुसूसी नौहा पढ़ा।मछली शहर का सफेद फरैरे का विशाल अलम आकर्षण का केन्द्र रहा। अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया ने अलवेदाई नौहा पढ़ते हुए तर्बरुक़ात पर चढ़े फूलों और हज़रत इमाम हुसैन व हज़रत अब्बास के ताबूतों को नम आंखों से सुपुर्द ए लहद किया गया। क़ब्रिस्तान में परम्परा का निर्वाह करते हुए मौलाना जाबिर अब्बास ने सभी की सेहत,सलामती,रिज़्क़ में बरकत,बे औलाद को औलाद अता करने के साथ मुल्क ए हिन्द में अमनों अमान व भाई  चारा क़ायम रहने की विशेष दुआ की। अन्जुमन खुद्दाम ए मोजिज़नुमा रजिस्टर्ड के अध्यक्ष मौलाना व मुतावल्ली रज़ा हसनैन एडवोकेट सह मीडिया डायरेक्टर सैय्यद मोहम्मद अस्करी, महामंत्री नजीब इलाहाबादी आदि ने ज़िला प्रशासन मीडिया बन्धुओं जल संस्थान नगर निगम व खास तौर से ज़िला प्रशासन व अन्य सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सहयोग के प्रति आभार जताया।