Home छत्तीसगढ़ *बच्चों की कलम से : भारत में टेबल टेनिस का उज्ज्वल भविष्य*

*बच्चों की कलम से : भारत में टेबल टेनिस का उज्ज्वल भविष्य*

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*अनम परवीन*ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल*
*रायपुर (छत्तीसगढ़): क्या आप जानते हैं कि भारत ने हाल के वर्षों में टेबल टेनिस जैसे खेल में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है? यह सर्वविदित है कि टेबल टेनिस चीन का प्रमुख खेल है और उसने ओलंपिक में इस खेल में सर्वाधिक पदक हासिल किए हैं। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में आगे बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार टेबल टेनिस न केवल एक मनोरंजक खेल है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खेल हमारी प्रतिक्रिया क्षमता (रिएक्शन टाइम) को तेज करता है, बेहतर रणनीति बनाने में मदद करता है और स्मरण शक्ति को भी मजबूत बनाता है।
भारत में अभी यह खेल क्रिकेट जितना लोकप्रिय नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। मनिका बत्रा, शरथ कमल और श्रीजा अकुला जैसे खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अपने नाम किए हैं। मनिका बत्रा को भारतीय टेबल टेनिस की अग्रणी खिलाड़ी माना जाता है, जिन्होंने देश को नई पहचान दिलाई है।
दुर्भाग्य की बात यह है कि हमारे देश में क्रिकेट को जितनी लोकप्रियता मिलती है, उतना सम्मान अन्य खेलों को नहीं मिल पाता। जब कोई क्रिकेटर उपलब्धि हासिल करता है तो पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बनता है, जबकि अन्य खेलों के खिलाड़ी अपेक्षाकृत कम चर्चा में आते हैं। हमें सभी खेलों को समान महत्व देने की आवश्यकता है।
जब मैंने स्वयं टेबल टेनिस खेलना शुरू किया, तो मुझे भी यह आसान लगा। लेकिन जैसे-जैसे मैंने इसे सीखा, मुझे समझ आया कि यह खेल जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। इसमें निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और मेहनत की आवश्यकता होती है। इसलिए किसी भी खेल को कम आंकना उचित नहीं है।
मेरा विश्वास है कि आने वाले दस वर्षों में भारत में टेबल टेनिस को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। नए खिलाड़ी उभरेंगे और यह खेल भी लोकप्रियता के नए आयाम स्थापित करेगा। अंततः मैं यही कहना चाहूंगी कि यदि हम बदलाव की सोच रखें और धैर्य के साथ प्रयास करें, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन संभव है।