ढोलक-मंजीरों की थाप पर देर रात तक गूंजे पारंपरिक फाग गीत
FATEHPUR NEWS: फाल्गुन का महीना आते ही असोथर ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में पारंपरिक फाग की महफिलें सजने लगी हैं। होली के अवसर पर गांव-गांव ढोलक, करताल और मंजीरों की थाप पर फाग के गीत गूंजते रहे। बुजुर्गों की अगुवाई में ग्रामीणों ने देर रात तक होली के पारंपरिक गीत गाकर पुरानी परंपरा को जीवंत बनाए रखा। इस दौरान लोग अबीर-गुलाल उड़ाते हुए गीतों की धुन पर झूमते नजर आए। नगर पंचायत असोथर स्थित विद्युत उपकेंद्र परिसर में किसान यूनियन अराजनैतिक के ब्लॉक महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व प्रधान रमेश पासवान, कामता प्रसाद और किसान नेता प्रमोद सिंह के नेतृत्व में फाग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करताल वादक भैयालाल, ढोलक वादक छेड़्दा कोरी और डफली वादक रामखेलावन पासी ने अपनी ताल से माहौल को संगीतमय बना दिया। मुख्य गायक राजेंद्र प्रसाद पासी, रामबाबू पासी और ननका पासी ने पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंजीरा वादक बुद्धराज मिस्त्री और गायक भिक्खू पासी ने भी सुरों की संगत से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। जब गायक मंडली ने चटकारेदार अंदाज में फाग गीत छेड़े तो पूरा माहौल होलीमय हो गया। “फागुन आयो रे अँगना, रंग बरसे चहुँ ओर”, “ढोलक बाजे ठमक-ठमक, मंजीरा दे ताल” और “कान्हा ने ऐसी मारी पिचकारी, भींज गई राधा की चुनरिया सारी” जैसी पंक्तियों पर ग्रामीण तालियां बजाते और झूमते नजर आए। इसी क्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुखराज निषाद के दरवाजे पर भी फाग की महफिल सजी, जहां ग्रामीणों ने देर रात तक गीतों का आनंद लिया। जमलामऊ गांव में प्रधान प्रतिनिधि व पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष हसवा शिवपूजन तिवारी के दरवाजे पर भी फाग का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि फाग की परंपरा गांवों की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे हर पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहिए।
असोथर क्षेत्र के कौंडर, बौडर, सराय खालिस, टीकर, गेडुरी, ललौली, फरीदाबाद टिकरी, घरवासीपुर, अंदीपुर, बेरूई, जमलामऊ, छिछनी, कंधिया और बेसड़ी सहित कई गांवों में बुधवार और गुरुवार को होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने फाग का आनंद लिया।







