Home उत्तर प्रदेश फसल अवशेष जलाने पर कड़ी निगरानी, बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम के नहीं...

फसल अवशेष जलाने पर कड़ी निगरानी, बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम के नहीं चलेगी हार्वेस्टर

जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश, नियम तोड़ने पर होगी सीज कार्रवाई
FATEHPUR NEWS: उप निदेशक कृषि ने बताया कि जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह के आदेशानुसार फसलों के अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब जनपद में कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (सुपर एसएमएस) या अन्य फसल अवशेष प्रबंधन उपकरणों के साथ नहीं चलेगी। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के दौरान हर कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ एक नामित कर्मचारी रहेगा, जो अपनी देखरेख में कटाई कराएगा। यदि कोई भी हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रेक या बेलर के चलते हुए पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत पुलिस विभाग से संपर्क कर कम्बाइन को सीज करने की कार्रवाई करेंगे। ऐसे वाहन मालिकों को अपने खर्चे पर सिस्टम लगवाकर ही हार्वेस्टर छोड़ने की अनुमति मिलेगी। कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि धान की कटाई के समय प्रत्येक कम्बाइन में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चॉपर, मल्चर, श्रेडर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ और जीरो टिल सीड कम फर्टीड्रिल का उपयोग करना भी आवश्यक होगा। उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में पंजीकृत सभी कम्बाइन हार्वेस्टरों के साथ कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों को नामित किया गया है। ये अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि अन्य जनपदों या राज्यों से आई कोई भी हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम के न चलने पाए। यदि ऐसी कोई घटना सामने आती है तो संबंधित थाना प्रभारी व उप जिलाधिकारी को तुरंत सूचित कर सीज कार्रवाई कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का पालन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सामने आती हैं तो इसे सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उत्तरदायी ठहराए जाएंगे।vउप निदेशक कृषि ने कहा कि यह कदम किसानों की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ वातावरण की शुद्धता और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।