Home उत्तर प्रदेश पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई बोर्ड परीक्षा : सचिव भगवती सिंह

पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई बोर्ड परीक्षा : सचिव भगवती सिंह

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  • पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज,कौशांबी गाजीपुर, जौनपुर के 20 परीक्षा केंद्रों पर लगाये गये थे जैमर
  • 18 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए,
  • यूपी बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन 250 केन्द्रों पर 18 से

प्रयागराज (प्रातःकाल एक्सप्रेस)। एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा संस्था यूपी बोर्ड की वर्ष – 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार  को संपन्न हो गई। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने आज बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक 15 कार्य दिवसों से में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यूपी बोर्ड के सचिव ने बताया कि हाई स्कूल की परीक्षा में इस बार छात्र – छात्राओं की उपस्थिति 26 लाख और इंटरमीडिएट में 24.5 लाख रही है।यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने ने दावा किया है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नकल माफिया, साल्वर गिरोह, छद्म परीक्षार्थियों और पेपर लीक करने वाले अराजक तत्वों के प्रयासों को निष्फल करते हुए पूरी तरह से नकल विहीन, शुचिता पूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई हैं।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने परीक्षा संपन्न होने के बाद बताया है कि प्रश्न पत्रों की अभेद्य सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों के लगभग 1.22 लाख परीक्षा कक्षों और परिसरों में 2.89 लाख से अधिक वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे जिससे 24 घंटे सातों दिन निगरानी की गई। इसके लिए हर जिले में जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम, शिविर कार्यालय लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना के साथ ही यूपी बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज और पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों मेरठ, बरेली, प्रयागराज,वाराणसी और गोरखपुर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया था। जहां से यूपी बोर्ड परीक्षा की लगातार मॉनिटरिंग की गई। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान 12 जिलों के 16 परीक्षा केंद्रों पर मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न करने और 11 जिलों में 17 परीक्षा केंद्रों के संबंध में नकल संबंधित शिकायत मिलने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया गया।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि सभी जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सभी विषयों के प्रश्न पत्रों के अतिरिक्त रिजर्व सेट की व्यवस्था यूपी बोर्ड द्वारा की गई थी। उत्तर पुस्तिकाओं को पहली बार ए- 4 पोर्ट्रेट आकार में तैयार किया गया। सभी प्रश्नों पर यूपीएमएसपी
के सूक्ष्म अंकन से मार्जिन लाइन बनाई गई थी। उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उन पर सुरक्षात्मक क्यू आर कोड, क्रमांक, प्रत्येक पृष्ठ पर परिषद का लोगो और पृष्ठ संख्या का मुद्रण किया गया था।  सिलाई युक्त उत्तर पुस्तिकाओं को चार भिन्न रंगों में तैयार कराया गया था।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के प्राप्तांक परीक्षकों द्वारा पोर्टल व मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड कराया गया।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के चार जिलों प्रयागराज,कौशांबी गाजीपुर और जौनपुर के 20 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा अवधि के दौरान जैमर स्थापित किए गए थे। इसमें प्रयागराज में सात, कौशांबी में तीन, जौनपुर में पांच और गाजीपुर में पांच परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे।
उन्होने बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए यूपी बोर्ड के मुख्यालय में क्विक रिस्पांस टीम यानि क्यू आर टी का गठन किया गया था। परीक्षा के दौरान क्यू आर टी द्वारा लगातार निगरानी के बाद कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा विगत वर्षों के एडिटेड प्रश्न पत्र प्रश्न पत्र के साथ बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र वायरल शीर्षक से वीडियो अपलोड किए गए जिससे लोगों में भ्रामक और फर्जी सूचनाओं को प्रसारित करने की कृत्य का संज्ञान लेते हुए ऐसे यूट्यूब चैनल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली बोर्ड परीक्षा में अपनाई गई। कक्ष निरीक्षकों व सचल दलों की निरंतर सतर्कता और सक्रियता के चलते प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर इस वर्ष मात्र 49 ऐसे प्रकरण प्रकाश में आए जहां पर पंजीकृत मूल परीक्षार्थी के स्थान पर छद्म परीक्षार्थी यानि मुन्ना भाई परीक्षा देते हुए पकड़े गए। सभी प्रकरणों में परिषद के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही 18 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए हैं।
इन सभी योजनाबद्ध और समन्वित प्रयासों के परिणाम स्वरुप 2026 की बोर्ड परीक्षा शुचिता पूर्ण, नकल विहीन एवं शांति पूर्ण और पारदर्शी ढंग से सफलतापूर्वक आयोजित की गई है।  यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रदेश में निर्धारित किए गए 250 मूल्यांकन केंद्रों पर 18 मार्च 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच संपादित होगा। प्रदेश में निर्धारित कुल 75 संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों को उत्तर पुस्तिकाएं 15 मार्च 17 मार्च के बीच भेजी जाएंगी।
यूपी बोर्ड के सचिव ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य में नियुक्त अध्यापकों और कार्मिकों के अतिरिक्त किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। मूल्यांकन कार्य के संचालन के लिए 75 मुख्य नियंत्रक और 250 उप नियंत्रकों की तैनाती की गई है। जिले स्तर पर मूल्यांकन कार्यों में प्रभावी निगरानी के लिए सभी जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर डीएम द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है।
यूपी बोर्ड सचिव ने बताया कि हाई स्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए लगभग 4300 अंकेक्षक, 8550 उप प्रधान परीक्षक और 83800 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। ‌ इस प्रकार इंटर स्तर पर लगभग 2590 अंकेक्षक, 5300 प्रधान परीक्षक और 48990 परीक्षकों की नियुक्ति की गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से नियुक्त लगभग 1 लाख 53 हजार कर्मियों द्वारा संपादित किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के कमांड एंड कंट्रोल रूम से सुबह 8:00 से रात 8:00 बजे तक सभी 250 मूल्यांकन केंद्रों की ऑनलाइन सतत निगरानी के लिए छह-छह घंटे की दो शिफ्ट में कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत पांच जिलों प्रयागराज, मेरठ,बरेली, वाराणसी और गोरखपुर में पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ यूपी बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन अंक अपलोड किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने एक बार फिर से दोहराया है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षाओं के मूल्यांकन की निष्पक्ष और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।