संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने किया उपचार
JAUNPUR NEWS: सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के सुइथाकला गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें कथा से पूर्व रविवार को निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आए हुए मरीजों का उपचार किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई, जिसमें सबसे अधिक शुगर (डायबिटीज) के मरीज पाए गए। आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में करीब 300 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। शिविर में शुगर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही, जिस पर चिकित्सकों ने बचाव के सुझाव दिए। शिविर में कैंसर, दांत, नेत्र, सर्दी, जुकाम और बुखार सहित अन्य रोग से संबंधित मरीजों का इलाज कर उन्हें निशुल्क दवाएं दी गईं। विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार (एचओडी मेडिसिन) ने बताया कि वर्तमान समय में अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को नियमित जांच, संतुलित आहार, मीठे से परहेज और रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी।इस अवसर पर मुख्य यजमान यमुना प्रसाद सिंह एवं इंद्रावती सिंह ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों और आगंतुकों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। साथ ही डॉ. रमेश सिंह, डॉ. उमेश सिंह, दिनेश सिंह ने सभी सहयोगियों का विशेष आभार प्रकट किया जिनके सहयोग से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में शामिल प्रमुख चिकित्सकों में डॉ. आनंद शुक्ला(बाल रोग), डॉ. वी.के. वर्मा (इंचार्ज ट्रॉमा सेंटर), डॉ. अजीत सिंह (एचओडी डेंटल), डॉ प्राची सिंह ( डेंटल) डॉ खुशबू शर्मा( क्रिटिकल केयर) डॉ विनीत सिंह (न्यूरो सर्जन) डॉ. अशोक चौरसिया (बाल रोग) डॉ. रंजिता सिंह, राजीव सिब्बल, सुनील जिज्ञासु (सीनियर फार्मासिस्ट) सहित अन्य चिकित्सक एवं उनकी टीम शामिल रही.
पांचवें दिन कथा में पूतना वध व माखनचोरी की लीलाओं का हुआ मनमोहक वर्णन
आचार्य शांतनु जी महाराज बोले—भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं देती हैं जीवन जीने की सीख
विकासखंड क्षेत्र क्षेत्र के सुइथाकला गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़
उमड़ी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूतना वध, माखनचोरी एवं अन्य नटखट बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा के पांचवें दिन आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मार्मिक और रसपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने पूतना वध प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में अवतार लेते हैं और दुष्टों का संहार करते हैं।
माखनचोरी और नटखट लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की ये लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की बाल लीलाएं हमें सिखाती हैं कि जीवन में प्रेम, स्नेह और सरलता का कितना महत्व है। आचार्य शांतनु जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में भक्ति, सत्य और सदाचार को अपनाएं। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया और श्रद्धालु “राधे-राधे” व “हरे कृष्ण” के जयघोष करते रहे। इस अवसर पर मुख्य यजमान इंद्रावती सिंह एवं यमुना प्रसाद सिंह ने सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर डीएम डॉ दिनेश चंद्र, पं. राम सन्मुख तिवारी, एसडीएम कुणाल गौरव, नायब तहसीलदार पीयूष कुमार सिंह, अंग्रेजी प्रवक्ता विनय त्रिपाठी, प्रशांत तिवारी, विनय वर्मा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष, डॉ रणंजय सिंह व सुधाकर सिंह, अजय मिश्रा, सदस्य जिला पंचायत सुरेंद्र यादव, बेचन सिंह, डॉ रमेश सिंह, डॉ दिनेश सिंह, डॉ उमेश सिंह आदि मौजूद रहे।







