LAKHIMPUR KHERI NEWS: नाबालिग से दरिंदगी करने वाले शरीफ को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट प्रथम लखीमपुर खीरी की न्यायाधीश नूरी अंसार ने 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शरीफ ने गन्ने के खेत में युवती को जबरन पकड़कर उसके साथ बलात्कार किया था और उसे जान से मारने की धमकी दी थी।पीड़िता की बहन ने अपनी मां को बताया कि शरीफ उसकी बहन को गन्ने के खेत में ले जाकर नंगा करके कुछ कर रहा है, जिसके बाद उसकी मां ने उसे कपड़ा पहनाकर बचाया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद दरोगा ने बलात्कार की बात को जानबूझकर नहीं लिखा, लेकिन पीड़िता के 164 बयान में सच्चाई बताने के बाद न्यायालय ने शरीफ को सजा सुनाई है गौरतलब है।घटना वाले दिन जब वह जानवर का चारा लेने गांव के उत्तर गयी थी, वह गन्ने के खेत में चारा काट रही थी तभी गन्ने के खेत में छुपे शरीफ ने उसे पीछे से जबरदस्ती पकड़ लिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूस कर उसका हाथ बांध दिया और उसके कपड़े जबरदस्ती उतारकर उसे नंगा कर दिया तथा जबरदस्ती उसके साथ बलात्कार किया और उसे कट्टे से धमकी दे रहा था कि ज्यादा चिल्लाओगी तो जान से मार दूंगा, उसकी बहन भी उसके साथ गयी थी जिसे शरीफ ने बहुत मारा तथा उसे जान से मारने की धमकी दिया कि अबकी बार बलात्कार किया है अगली बार जान से मार दूंगा। शरीफ के परिवार वाले लगातार धमकी दे रहे हैं, कभी भी उसके या उसके परिवार के साथ कोई अनहोनी हो सकती है, उसकी बहन रोते हुए भाग कर जा रही थी तभी एक गांव का लड़का ने उसकी बहन से पूछा कि क्या हुआ तो उसकी बहन रोते हुए बतायी कि शरीफ उसकी बहन को गन्ने के खेत में ले जाकर नंगा करके कुछ कर रहा है, तब उसकी मां हल्ला सुनकर कपड़ा लेकर दौड़ी और उसकी मां कपड़ा पहनाकर ले आयी, फिर वे लोग पढुआ चौकी गये जहां पर दरोगा जी को सब कुछ बताया परन्तु दरोगा जी ने बलात्कार की बात को जानबूझकर नहीं लिखा। परंतु पीड़िता ने 164 बयान में सच्चाई बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जिसका परिणाम अभी युक्त को न्यायालय द्वारा कठोर सब सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया है जिससे पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली।







