JALAUN NEWS: उरई कोतवाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने महिला चोरों के एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मासूम बच्चों का सहारा लेता था। इस गिरोह की छह महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो बाजारों में खरीदारी करने वाली महिलाओं के पर्स से पैसे और सामान उड़ाती थीं। पकड़ी गईं सभी महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर जिले की निवासी बताई जा रही हैं।
बता दे कि यह मामला तब सामने आया जब राजेंद्र नगर निवासी ध्यानेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने बताया कि उनकी चाची चंद्रकांति और बहू संध्या सिंह के साथ घंटाघर चौराहे पर कुछ महिलाओं ने ₹5,000 छीनने का प्रयास किया था। हालांकि, उनकी ललकार पर महिलाएं भागने में सफल रहीं। पुलिस को सूचना मिली कि माहिल तालाब के पास कुछ संदिग्ध महिलाएं घूम रही हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, रविवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय ने पुलिस बल के साथ दबिश दी। मौके से छह महिलाओं को पकड़ लिया गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि इनमें से दो महिलाएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लिए हुई थीं। यह उनकी रणनीति का हिस्सा था, ताकि उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर किसी को शक न हो।
गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान 28 वर्षीय राखी पत्नी नन्नू, 38 वर्षीय काया पत्नी अमित, 32 वर्षीय विद्या पत्नी मनीष उपहाड़े, 20 वर्षीय सुजाता पत्नी देवेंद्र पात्रे, 46 वर्षीय रानू पत्नी चंद्रभान और 26 वर्षीय प्रिया पत्नी रोहन हाथागढ़ी के रूप में हुई है। ये सभी नागपुर के अलग-अलग इलाकों की रहने वाली हैं.पूछताछ के दौरान, सभी महिलाओं ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे बाजारों में आने-जाने वाली महिलाओं के पर्स को ब्लेड या चाबी का इस्तेमाल कर काट देती थीं और फिर उसमें से रुपए व अन्य कीमती सामान चुरा लेती थीं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। इस गिरोह की सबसे शातिर चाल यह थी कि वे मासूम बच्चों को अपने साथ रखती थीं, जिससे लोगों का ध्यान बंट जाता था और किसी को उन पर शक नहीं होता था। पुलिस ने सभी आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, उनसे गहन पूछताछ जारी है ताकि उनके नेटवर्क की गहराई और अन्य संभावित साथियों का पता लगाया जा सके। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने जालौन या आसपास के क्षेत्रों में और कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।







