Home उत्तर प्रदेश नकली डीएपी खाद बनाकर बेचने वाले 5 अभियुक्त गिरफ्तार

नकली डीएपी खाद बनाकर बेचने वाले 5 अभियुक्त गिरफ्तार

जिनके कब्जे से लगभग 1000 बोरी नकली डीएपी खाद बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रूपये/- बताई जा रही है

AURAIYA NEWS: जिला प्रशासन द्वारा अवैध मादक पदार्थ तस्कर की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान में कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम द्वारा नकली डीएपी खाद बनाकर बेचना वाले 05 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। जिला कृषि अधिकारी व कोतवाली पुलिस की तीन सदस्यीय टीम गठित कर अनियमिता पाये जाने की दशा मे उर्वरक(अर्काबनिक कार्बनिक या मिश्रित) नियत्रण आदेश 1985 के प्राविधिनो के अंतर्गत विधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये जिसमे शैलेन्द्र कुमार वर्मा अधिसूचित प्राधिकारी/जिला कृषि अधिकारी द्वारा कुछ अभियुक्तगणों द्वारा अवैध गतिविधि तथा कूटरचना करके नकली डीएपी खाद बनाकर नकली डीएपी को कृषको को बेच देते थे, आरोपी ब्रान्डेड बोरी में नकली डीएपी पैक कर कृषको के उत्पादन को नुकसान पहुँचाने की सूचना के सम्बन्ध में उक्त सयुक्त टीम द्वारा जालौन रोड पैगम्बरपुर औरैया पर स्थापित एक गोदाम को चाभी मगवाकर खोला गया था जिसमे सादी अनब्राडेड पैक बोरिया एनएफएल डीएपी इफको डीएपी एवं ध्रुवा पोटाश बोरी मे ध्रुवा बायोफयूल प्रालि बरेली की पायी गयी जिसके संबंध मे कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नही किया गया तथा बरामद समस्त सामग्री को राजकीय कृषि बीज भण्डार भाग्यनगर के गोदाम मे रखवाने के उपरांत सील कर दिया गया है,तथा बरामदगी के आधार पर कोतवाली में मु0अ0सं0 634/2025 धारा 318(4)/338/336(3)/336(4) BNS व 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत शनि चौहान, नीरज चौहान, चरन सिंह, सुनील चौहान, चीनू चौहान के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर स्वाट टीम व पुलिस की सयुंक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्तगण उपरोक्त को जालौन चौराहे के पास से टाटा पंच कार संख्या यू0पी0 79ए0ई 2167 सहित गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। पुछताछ में अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि नकली खाद बनाकर आस पास के गांव मे कार से घूमकर किसानो को बेचकर मुनाफा कमाते है। जनपद बरेली से खाद की छपी हुई बोरियां तथा कच्चा माल खरीद कर जालौन रोड पर स्थित होटल एवरग्रीन के पास एक गोदाम मे रखते थे, वहीं पर कच्चे माल से नकली खाद तैयार कर बेरियो मे पैककर क्षेत्रो में घूमकर नकली खाद को किसानो को असली खाद वताकर कम दामो मे बेच देते थे।