JAUNPUR NEWS: शादी के सात फेरे लेकर जिस घर को अपना संसार समझकर एक नवविवाहिता ससुराल पहुंची थी, वहीं घर उसके लिए प्रताड़ना, मारपीट और मौत का अड्डा बन गया। दहेज की भूख में अंधे ससुरालियों ने विवाहिता की जिंदगी को इस कदर नरक बना दिया कि अब पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता सीमा देवी पुत्री बंगाराज बिंद निवासी गौसपुर थाना खेतासराय (जौनपुर) ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका विवाह 9 नवंबर 2025 को आजमगढ़ जनपद के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत जोबत्ती चकंगुलरा निवासी प्रमोद बिंद पुत्र सुरेश बिंद के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में पिता ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर एक लाख रुपये नकद, डीलक्स मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी, चैन समेत भारी मात्रा में गृहस्थी का सामान दिया था। लेकिन विदाई के बाद ही खुल गया ससुरालियों का असली चेहरा।
आरोप है कि पति प्रमोद बिंद शराब के नशे में घर पहुंचता और पत्नी को मां-बहन की गालियां देते हुए दहेज में 4 लाख रुपये लाने का दबाव बनाता। मांग पूरी न होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती। सास सरोजा देवी और ससुर सुरेश भी बेटे को उकसाकर प्रताड़ना में बराबर शामिल रहते। पीड़िता ने बताया कि कई बार मायके वालों ने समझौते की कोशिश कर उसे ससुराल भेजा, दूसरी विदाई में भी काफी सामान और उपहार दिए गए, लेकिन दहेज लोभियों का दिल नहीं पसीजा। उल्टा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बढ़ता गया।
22 अप्रैल की रात बना मौत का मंजर
पीड़िता के अनुसार 22 अप्रैल 2026 की रात करीब 1 बजे पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे गाली-गलौज करते हुए बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह कमरे में भागी तो पति अंदर घुस आया और लात-घूंसों से हमला कर दिया। आरोप है कि सास-ससुर के उकसाने पर पति प्रमोद और ससुर सुरेश ने रस्सी से गला कसकर उसे जान से मारने की कोशिश की। विवाहिता की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह उसकी जान बची। आरोप है कि इसी दौरान ससुरालियों ने उसके सोने-चांदी के जेवरात और स्त्रीधन भी जबरन छीन लिया। पड़ोसियों ने पहुंचाया अस्पताल, फिर मायके वालों को दी मौत की खबर गंभीर हालत में पड़ोसियों ने पीड़िता को शाहगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात ससुराल पक्ष ने मायके वालों को ‘मृत्यु जैसी सूचना’ देकर बुलाया। परिजन पहुंचे तो बेटी को घायल और कराहते देख दंग रह गए तथा इलाज के बाद उसे अपने साथ मायके ले आए। पीड़िता के पिता ने थाना पवई में शिकायत की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हताश पीड़िता ने जिलाधिकारी जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।







