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तहरीर में जातिसूचक शब्द का जिक्र नहीं पर पुलिस ने लिखा एससी एसटी में मुकदमा

FATEHPUR NEWS: जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र के देवमई गांव में पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट और दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस को दी गई तहरीर में जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल का कोई जिक्र नहीं है। देवमई निवासी परवेश पासवान ने पुलिस को बताया कि उनके भाई राकेश पासवान गत दिवस प्राइमरी स्कूल देवमई के पास स्थित मंदिर में पूजा करने गए थे। वहां गांव के कंचन पुत्र कल्लू उर्फ गंगाराम ने पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज की और राकेश के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले से राकेश वहीं गिर पड़े। आरोपी और उसके साथियों ने राकेश को जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। घायल राकेश को परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवमई में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी कंचन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115(2), 351(2), 352 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1) द, 3(1) घ, 3(2) ब के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। एफआईआर में दलित उत्पीड़न की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि परवेश पासवान द्वारा दी गई तहरीर में कहीं भी जातिसूचक शब्द के प्रयोग का उल्लेख नहीं है। मामले की जांच बिंदकी सीओ प्रगति यादव को सौंपी गई है।