कोरांव प्रयागराज। काशी हिंदी विद्यापीठ वाराणसी के द्वारा कोरांव के युवा शायर, गजलकार, गीतकार, जिनकी देश के बड़े-बड़े मंचों पर लोग कविताएं सुनने के लिए आतुर रहते हैं। ऐसे युवा कवि कृष्णकांत शर्मा (कामिल) को हिंदी की सुदीर्घ सेवा काव्य संग्रह के प्रकाशन और अपनी स्वरचित कविताओं को राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के योगदान हेतु डॉक्टरेट की मानद उपाधि विद्या वाचस्पति सम्मान से सम्मानित किए जाने पर कृष्णकांत शर्मा कामिल को कोरांव के प्रतिष्ठित लोगों के द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन रविवार को दोपहर बाद 2 बजे से लेकर शाम 4 तक किया गया। जहां क्षेत्र के युवा कवियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर युवा कवि कृष्णकांत शर्मा कामिल को माला पहनकर सम्मानित किया। कृष्णकांत शर्मा कामिल विकासखंड कोरांव के बरनपुर ग्राम पंचायत के पूरा मुनई गांवों के रहने वाले हैं। जो कोरांव के प्राथमिक विद्यालय चांदी में बतौर शिक्षक कार्यरत हैं। स्कूल में बच्चों के पठन-पाठन समेत कई अन्य सृजनात्मक कार्य भी करते रहते हैं जिससे उनकी छवि बेसिक शिक्षा विभाग में भी अच्छी है। सम्मान समारोह को संबोधित कर नगर पंचायत कोरांव के अध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी ने कहा कि जब मुझे युवा गजलकार, कलमकार तथा मशहूर शायर कृष्णकांत शर्मा कामिल के सम्मान समारोह के आयोजन की सूचना मिली तो मैं बेहद खुश हो गया। उन्होंने अन्य युवा कवियों को कृष्णकांत शर्मा कामिल से प्रेरणा लेकर शीर्ष मुकाम हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। सम्मान समारोह को जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू चौबे, कृष्ण मुरारी द्विवेदी शशि द्विवेदी एडवोकेट, डॉक्टर अनिल पांडेय, प्रमोद मिश्र पयासी, शिक्षक अभय राज सिंह, रजनीश पब्लिक मेमोरियल स्कूल के प्रबंधक रजनीश वर्मा, गायक मनजीत तिवारी, अनूप मिश्रा, मनोज शर्मा आदि वक्ताओं ने संबोधित कर कृष्णकांत शर्मा को बधाई दी। विद्या वाचस्पति सम्मान से सम्मानित हुए कवि कृष्ण कांत शर्मा कामिल ने भी अपनी स्वरचित रचनाओं से उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बबलू सिंह बहियारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक मुन्ना मासूम ने आए हुए अतिथियों कवियों एवं क्षेत्रीय लोगों का आभार व्यक्त किया।







