बहराइच ब्यूरो। नवसृजित राजस्व ग्राम भवानीपुर के निवासी पुत्ती लाल के द्वारा अपने मकान के निर्माण के लिए मंगाए गए ईद को वन विभाग में गांव में ले जाने से रोक दिया और पूछने पर वन दरोगा पवन शुक्ला ने कहा कि हमारे अधिकारियों ने कहा है कि भवानीपुर अभी वन ग्राम है राजस्व ग्राम नहीं हुआ है इसलिए यहां पर पक्का मकान नहीं बन सकता है। वन विभाग के द्वारा इस तरह की बातचीत किए जाने पर तथा ट्राली रोके जाने पर अचंभित ग्राम वासियों ने कहा कि 28 दिसंबर 2012 को जिला अधिकारी किंजल सिंह के द्वारा दिए गए अधिकार पत्र जिन पर प्रभागीय वन अधिकारी कतरनिया घाट के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं क्या वह फर्जी हैं? 8 जनवरी 2022 को वर्तमान जिला अधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र द्वारा सांसद अक्षयबर लाल गौड़ की मौजूदगी में वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन की घोषणा क्या झूठी थी? 15 नवंबर 2022 को सोनभद्र में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भवानीपुर निवासी पुत्ती लाल माता प्रसाद मनीराम तथा जगदीश को दिए गए अधिकार पत्र क्या फर्जी हैं?
25 दिसंबर 2022 को भवानीपुर में आयोजित सुशासन दिवस में जिलाधिकारी द्वारा किए गए वादे आखिर सच है या नहीं है इन सवालों को लेकर के वन निवासियों में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने जिलाधिकारी के बयान आने तक चूल्हा बंदी आंदोलन चलाने की धमकी दी है। वन विभाग के द्वारा की गई इस हरकत का जवाब देने के लिए वन अधिकार आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने कहा कि एक ओर उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी जिला अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र जी वन निवासियों के जीवन को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर वन विभाग वन क्षेत्र में अशांति पैदा कर रहा है।इस मुद्दे का निराकरण कराने हेतु वह हजारों वननिवासियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष जाएंगे।






