Home उत्तर प्रदेश झांसी में इवेंट के नाम पर बड़ी जालसाजी कर रहे ठग

झांसी में इवेंट के नाम पर बड़ी जालसाजी कर रहे ठग

बच्चों और परिजनों से मोटी रकम वसूलने के साथ स्पॉन्सरशिप के नाम पर भी ठग

JHANSI NEWS: नगर में इवेंट और टैलेंट शो के नाम पर चल रहा बड़ा खेल अब और गंभीर होता जा रहा है। बाहर से आए कुछ तथाकथित आयोजक न सिर्फ बच्चों और अभिभावकों से भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं बल्कि स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों से भी “स्पॉन्सरशिप” के नाम पर लाखों की ठगी कर रहे हैं।
बच्चों के करियर के नाम पर लूट
ये आयोजक शहर में कैंप लगाकर बच्चों को बड़े मंच और मॉडलिंग-टीवी करियर का सपना दिखाते हैं। 5 से 25 हजार रुपये तक की फीस लेकर कहते हैं कि बच्चों को नेशनल और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म मिलेगा। लेकिन हकीकत में कोई वैसा आयोजन कभी होता ही नहीं, और अगर होता भी है तो बहुत छोटे स्तर पर, जिससे बच्चे और पैरेंट्स दोनों ठगा महसूस करते हैं।
स्पॉन्सरशिप का नया फंदा
इन आयोजकों ने अब स्पॉन्सरशिप का जाल भी बिछा रखा है। ये स्थानीय व्यापारियों और शोरूम मालिकों से कहते हैं कि उनका नाम और ब्रांडिंग इवेंट के मंच और बैनरों पर लगाई जाएगी। 20-50 हजार तक की रकम लेकर उन्हें “स्पॉन्सर” बनाते हैं। लेकिन असली इवेंट या तो होता ही नहीं, या फिर इतनी खराब क्वालिटी का होता है कि स्पॉन्सर को कोई लाभ नहीं मिलता। कई बार तो इवेंट की तारीख बदल दी जाती है और आयोजक पैसे लेकर शहर छोड़कर भाग जाते हैं।
न दफ्तर, न अनुमति – सब कुछ फर्जी
जांच में पता चला है कि इनका शहर में कोई रजिस्टर्ड ऑफिस नहीं है और न ही किसी प्रकार की सरकारी अनुमति। ये सिर्फ किराए पर लिए गए हॉल या गेस्ट हाउस में कुछ दिन रुकते हैं और जब तक पकड़ में आते हैं, तब तक लाखों की ठगी करके गायब हो जाते हैं।
अभिभावक और व्यापारी दोनों परेशान
इस ठगी से बच्चों और उनके पैरेंट्स के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी आहत है। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया – “हमने 30 हजार रुपये स्पॉन्सरशिप में दिए, कहा गया कि हमारे शोरूम का नाम बैनर पर लगेगा और सोशल मीडिया पर प्रमोशन होगा, लेकिन इवेंट ही कैंसिल कर दिया गया। पैसे वापस भी नहीं मिले।”
लोगों की चेतावनी और कार्रवाई की मांग
शहरवासियों का कहना है कि ऐसे आयोजक हर कुछ महीने में अलग-अलग नामों और कंपनियों से आते हैं और ठगी करके चले जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजकों की पूरी जांच हो और बिना अनुमति कार्यक्रम करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।