Home उत्तर प्रदेश झाँसी स्मार्ट सिटी की स्थिति चिंताजनक, जिम्मेदारों की उदासीनता पर सवाल

झाँसी स्मार्ट सिटी की स्थिति चिंताजनक, जिम्मेदारों की उदासीनता पर सवाल

कागज़ों तक सीमित योजनाएँ; जनता में बढ़ी नाराज़गी
JHANSI NEWS: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वर्षों पहले शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स अब तक अधूरे पड़े हैं, जिनकी धीमी रफ्तार को लेकर नागरिकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों पर अधूरे निर्माण, खराब सड़कें, टूटी डक्ट लाइनें, जलभराव और अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन ने लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद ज़मीनी कार्यवाही बेहद धीमी है। स्मार्ट सिटी कार्यालय व संबंधित विभागों की बैठकों के बाद भी ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहे, जिससे प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजनाओं में समन्वय की कमी, ठेकेदारों की लापरवाही और समयबद्ध कार्य योजना न होने से प्रगति बाधित हो रही है। शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाएगा, ताकि स्मार्ट सिटी का सपना कागज़ों से निकलकर हकीक़त बन सके। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर की तस्वीर बदलने के दावे किए गए थे, लेकिन ज़मीन पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। कई परियोजनाएँ वर्षों से अधर में लटकी हैं, जबकि कुछ का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया। जिससे शहरवासियों में गहरा असंतोष है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत झाँसी में आधुनिक बस स्टैंड, बेहतर सड़कें, वाई-फाई ज़ोन, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, हरित क्षेत्र और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी कई पहल प्रस्तावित थीं। अधिकारियों ने लगातार प्रगति का दावा किया, लेकिन अधिकांश परियोजनाएँ अभी भी फ़ाइलों में ही अटकी हुई हैं। नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ़ बोर्ड और पोस्टर लगाए गए, लेकिन वास्तविक विकास नहीं दिख रहा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जवाब मांग रहे है कि करोड़ों रुपये की बजट वाली परियोजनाएँ आखिर कब पूरी होंगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, देरी की वजह तकनीकी स्वीकृतियाँ, बजट जारी न होना और ठेकेदारों की सुस्ती बताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि कुछ परियोजनाओं पर काम जारी है और जल्द ही प्रगति दिखाई देगी। फिलहाल, झाँसी के लोगों को स्मार्ट सिटी का सपना अब भी धुंधला ही नज़र आ रहा है, जबकि शहर के विकास को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।