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ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण:दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं, अगली तारीख 8 नवंबर

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वाराणसी, ब्यूरो। सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में
विश्व वैदिक सनातन संघ की अतंरराष्ट्रीय महामंत्री किरन सिंह की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर आज गुरुवार को सुनवाई हुई।दाखिल प्रार्थना पत्र में ज्ञानवापी परिसर को मंदिर बताते हुए वहां मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक,परिसर हिंदुओं को सौंपने तथा वहां मिले शिवलिंग के दर्शन-पूजन की मांग की गई है।दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं इस पर अपनी-अपनी दलीलें पूरी हो गई हैं।आज गुरुवार को हुई इस सुनवाई के बाद अब इस मामले में आगे के लिए तिथि 8 नवंबर तय की गई है।इस पर मंदिर पक्ष के वकील मान बहादुर सिंह ने जवाब दिया कि कानून के मुताबिक किसी स्थान विशेष को स्वीकार कर लेने से उस संपत्ति पर किसी का मालिकाना हक नहीं हो जाता है। इसके लिए उसे साबित करना होता है कि उस संपत्ति का मालिक वह है।वही मस्जिद पक्ष ने कहा कि मुकदमे के वादी आदिविश्वेश्वर हैं और उनको अवयस्क बताकर उनकी मुकदमा किरन सिंह लड़ रही है तो दो अन्य वादी विकास शाह व विद्याचंद्र इसमें क्या है।इस पर मंदिर पक्ष ने कहा कि यह मुकदमा आदिविश्वेश्वर का है।यह अधिकार उनको प्राप्त है कि मुकदमे में कौन रहेगा।