Home उत्तर प्रदेश जीएसटी 2.0 दर कटौती से छोटे दवा व्यापारियों को लाभ नहीं :...

जीएसटी 2.0 दर कटौती से छोटे दवा व्यापारियों को लाभ नहीं : दवा विक्रेता समिति

वित्त मंत्री को भेजा गया पत्र, छोटे व्यापारियों के आर्थिक नुकसान की जताई चिंता

SIDHARTHNAGAR NEWS: दवा विक्रेता समिति, सिद्धार्थनगर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर छोटे दवा व्यापारियों की समस्याओं को उठाया है। समिति का कहना है कि जीएसटी 2.0 दर कटौती से जहाँ बड़े व्यापारियों और उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है, वहीं छोटे दवा विक्रेताओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। समिति के अध्यक्ष जमी़ल सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण कसौधन और महामंत्री मनोज कुमार जायसवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि जिले में करीब तीन हजार से अधिक दवा व्यापारी जीएसटीओं में पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे में वे इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें अपने पुराने स्टॉक को नई कम दरों पर बेचना पड़ रहा है, जिससे सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।vपत्र में कहा गया है कि जीएसटी दरों में कटौती (18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत से 0 प्रतिशत आदि) का लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है, लेकिन छोटे दवा विक्रेताओं पर इसका प्रतिकूल असर हो रहा है। नॉन-रजिस्टर्ड और कंपोजिशन डीलर जब जीएसटी दर पर दवा खरीदते हैं तो उन्हें पुराने स्टॉक को घाटे में बेचना पड़ता है। इससे व्यापारियों की वित्तीय स्थिति डगमगा रही है। समिति ने यह भी कहा कि दवाओं के दाम राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण द्वारा तय किए जाते हैं। ऐसे में व्यापारी अपनी मर्जी से मूल्य नहीं बढ़ा सकते। जीएसटी दरों में कटौती का बोझ सीधे छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है और वे आर्थिक संकट में फँसते जा रहे हैं। समिति ने वित्त मंत्री से माँग की है कि छोटे दवा व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएँ। समिति का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो जिले भर के छोटे व्यापारी गहरे आर्थिक संकट में आ सकते हैं।