Home उत्तर प्रदेश जल निगम की लापरवाही से  प्रधानमंत्री सड़क गड्ढे में तब्दील

जल निगम की लापरवाही से  प्रधानमंत्री सड़क गड्ढे में तब्दील

दूषित जल पीने को मजबूर है क्षेत्रीय लोग, अधिकारी मौन
PRAYAGRAJ NEWS: एक ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास, स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जसरा विकासखंड की जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई उजागर कर रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2022 में बनी जसरादृरेरा सड़क आज जल निगम की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के चलते गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जबकि लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जसरा रेरा मोड़ के पास जल निगम की पाइपलाइन करीब तीन महीने से टूटी पड़ी है। हजारों लीटर पानी रोज सड़क पर बह रहा है, जिससे न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी हो रही है बल्कि प्रधानमंत्री योजना से बनी सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे आवागमन खतरे में पड़ गया है। सबसे गंभीर सवाल योगी सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” योजना पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सप्लाई बंद होने पर सड़क पर जमा गंदा पानी पाइपलाइन में चला जाता है और सप्लाई चालू होते ही वही दूषित पानी घरों में पहुंचता है। इस पानी को पीकर लोग लगातार बीमार हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना के बाद जसरा के लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार और जल निगम के अफसरों को जनता की सेहत की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार खंड विकास अधिकारी जसरा और जल निगम के अवर अभियंता से शिकायत की, लेकिन योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति यहां पूरी तरह फेल नजर आ रही है। न तो टूटी पाइपलाइन की मरम्मत हुई और न ही सड़क सुधार की कोई पहल की गई। यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है। इसी सड़क से राजकीय बालिका विद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज और कई निजी स्कूलों के छात्र-छात्राएं रोजाना आते-जाते हैं। गहरे गड्ढे किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर आंख मूंदे बैठे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या योगी सरकार की विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? क्या प्रधानमंत्री की योजनाओं का यही हश्र होना है? यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और कोई बड़ा हादसा हुआ तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी होगीकृजल निगम की या योगी सरकार की? स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, तत्काल पाइपलाइन दुरुस्ती और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर अब भी सरकार नहीं जागी तो वे आंदोलन और सड़क जाम के लिए मजबूर होंगे।