KUSHINAGAR NEWS: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, एनएचएआई, रोडवेज तथा चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के प्रारम्भ में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता मुकेश वर्मा द्वारा विगत माह में की गई कार्यवाहियों की समीक्षा प्रस्तुत की गई। उन्होंने जनपद में घटित विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कसया थाना क्षेत्र के बुद्ध मंदिर मार्ग स्थित नौका विहार के समीप मोटरसाइकिलों की आपसी टक्कर में एक 17 वर्षीय युवक की मृत्यु, रामकोला क्षेत्र में बोलेरो एवं डीसीएम की टक्कर से दुर्घटना तथा पटहेरवा क्षेत्र में मोटरसाइकिल दुर्घटना में 32 वर्षीय युवक की मृत्यु की घटनाएं दर्ज की गईं। साथ ही एनएचपीडब्ल्यूसी, गोरखपुर द्वारा पुलिया मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी कार्यों की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने मा० उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की ओर से एआरटीओ मो० अजीम ने अवगत कराया कि पूर्व बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में दिनांक 20.03.2026 को स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच हेतु विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 130 वाहनों का निरीक्षण किया गया। शिविर के दौरान चिकित्सा विभाग के सहयोग से नेत्र परीक्षण (आई कैम्प) भी आयोजित किया गया। राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडिंग के विरुद्ध अभियान चलाते हुए चालान एवं राजस्व वसूली की कार्यवाही निरंतर की जा रही है।
इस पर जिलाधिकारी श्री तंवर ने निर्देशित किया कि सभी स्कूल बसों की फिटनेस अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए तथा जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल कर विद्यालय वाहनों की जांच अभियान को और तेज किया जाए। साथ ही प्रवर्तन कार्यवाहियों का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से कराया जाए। बैठक में रोडवेज अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिन वाहन चालकों एवं परिचालकों को दृष्टि दोष के कारण चश्मे की आवश्यकता है, उन्हें बिना चश्मा लगाए वाहन संचालन की अनुमति न दी जाए। पुलिस विभाग के यातायात निरीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि पड़रौना क्षेत्र में जाम की प्रमुख समस्या नहर के समीप बसों द्वारा अनियंत्रित रूप से यात्रियों को बैठाने एवं उतारने के कारण उत्पन्न होती है। इस पर जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी एवं सतत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।







