- चालू पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना पर्चियां केवल S.M.S. पर्ची के रूप में गन्ना किसानों के पंजीकृत मोबाइल फोन पर की जा रही हैं प्रेषित।
- गन्ना किसानों से अपील है कि अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर को चालू रखें, मोबाइल का इनबॉक्स खाली रखें तथा अपने मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र में रहें।
- किसान अपने पंजीकृत नम्बर पर डी.एन.डी. सर्विस को एक्टिवेट न करायें, जिससे एस.एम.एस. गन्ना पर्ची मोबाइल पर उन्हें रियल टाइम प्राप्त हो सकें।
- कृषक बंधु अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की जाँच कर लें यदि मोबाइल नंबर गलत है, तो उसे गन्ना समिति के माध्यम से अपडेट कर लें।
लखनऊः 11 नवम्बर, 2025। प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने अवगत कराया कि चालू पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के गन्ना कृषकों को गन्ना पर्चियां केवल S.M.S. पर्ची के रूप में उनके मोबाइल फोन पर गत बर्ष की भांति प्रेषित की जा रही है। इसलिए यह आवश्यक है कि एस.जी.के. पर गन्ना कृषकों का सही मोबाइल नंबर पंजीकृत हो। अतः कृषक बन्धुओं से अपील है कि वे स्मार्ट गन्ना किसान (S.G.K.)पर पंजीकृत अपने मोबाइल नंबर की जांच कर लें, यदि नम्बर गलत है तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक के माध्यम से सही मोबाइल नंबर अपडेट करा लें।
गन्ना विकास विभाग द्वारा बताया कि किसानों को गन्ना आपूर्ति हेतु उनके मोबाइल पर प्रेषित की जाने वाली एस.एम.एस. गन्ना पर्चियां यद्यपि 95 प्रतिशत से अधिक डिलीवर हो रही हैं, फिर भी S.M.S. डिलीवरी में और प्रगति लाने हेेतु आवश्यक है कि, सभी किसान भाई शत् प्रतिशत S.M.S.पर्ची प्राप्त करने के लिये अपने मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र में रहेें, मोबाइल को रिचार्ज रखें, काल बार्ड का विकल्प न चुनें, अपने मोबाइल का एस.एम.एस. इनबॉक्स खाली रखें, मोबाइल को चार्ज करके सदैव चालू दशा में रखें तथा डी.एन.डी. सर्विस को एक्टिवेट न करें, ताकि सर्वर द्वारा प्रेषित S.M.S. गन्ना पर्ची उनके मोबाइल पर उन्हें रियल टाइम में प्राप्त हो जाए। पर्ची निर्गमन की यह व्यवस्था पूर्णतया पारदर्शी है। इस व्यवस्था में किसानों के मोबाइल नंबर पर S.M.S.पर्ची भेजे जाने से किसान को तत्काल पर्ची प्राप्त होगी और समय से पर्ची मिल जाने के कारण ताजे गन्ने की आपूर्ति के साथ-साथ किसान गन्ने की सूख से होने वाली हानि से भी बच पाएंगे।
जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश गन्ना आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उ.प्र. ने सभी परिक्षेत्रीय अधिकारियों एवं जिला गन्ना अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि कृषकों को एस.एम.एस. गन्ना पर्चियों की डिलीवरी से संबंधित निराकरण प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए कृषकों को जागरूक करें, ताकि कृषकों को गन्ना आपूर्ति में कोई असुविधा न हो सके।







