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किस कानून के तहत बिना नोटिस बिना सुने,पूजा स्थल को सील कर सकता है

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प्रयागराज, विधि संवाददाता, : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि किस कानून के तहत बिना नोटिस बिना सुने वह किसी आराधना (पूजा) स्थल को सील कर सकता है और किस कानून के तहत अपनी जमीन पर मस्जिद बनाने की अनुमति लेना जरूरी है।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थनंदन की खंडपीठ ने यह प्रश्न मुजफ्फरनगर के ग्राम भोपा निवासी अहसान अली की याचिका की सुनवाई करते हुए उठाया है। कोर्ट ने 24 मार्च 2026 तक सरकार से जवाब मांगा था और इसी दिन अगली सुनवाई नियत की थी, लेकिन इसका विवरण नहीं है।
याची के अनुसार वह ग्राम भोपा, परगना भोकरहेड़ी, तहसील जनसठ स्थित प्लाट नंबर 780 का वैध मालिक है। इसे उसने 20 सितंबर 2019 को प्रवीण कुमार जैन से बैनामा कराया था। वह यहां मस्जिद बनवा रहा है, लेकिन राज्य सरकार की एजेंसियों ने इसे यह कहते हुए सील कर दिया है कि निर्माण अवैध है और सक्षम प्राधिकरण से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। याची के अधिवक्ता का कहना है कि संपत्ति को सील करने से पहले कोई नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। याचिका में सील की गई संपत्ति को मुक्त कर प्रार्थना के लिए परिसर के उपयोग की अनुमति मांगी गई है।