LAKHIMPUR KHERI NEWS: मंगलवार को भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने ब्लाक नकहा के गांव झंडी में जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया उन्होंने कहा कि सरकार पराली जलाने पर किसानों पर कार्यवाही कर रही है और किसानों के नुकसान पर सरकार के मुंह पर ताला लग जाता है सैटेलाइट कैमरे से सरकार को किसानों की पराली तो दिख जाती है लेकिन चोर उचक्के और किसानों का नुकसान नहीं दिखता कारखाने और अन्य उपकरणों से फैला प्रदूषण सरकार को नहीं दिख रहा है। किसानों के साथ सरकार दुश्मनों जैसा बर्ताव करती है सरकार किसानों को कंगाल करने पर लगी है लेकिन भारतीय किसान संगठन ऐसा नहीं होने देगा। प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पंकज ने कहा की बजाज चीनी मिलों पर किसानों का लाखों रुपया बकाया है जिस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है उन्होंने कहा जल्दी ही किसान भाइयों के साथ मिलकर भारतीय किसान संगठन आर पार की लड़ाई लड़ेगा। प्रदेश प्रवक्ता मुकेश पांडे ने कहा कि आज हम सबको एकजुट होकर अपने हक की आवाज उठाने की आवश्यकता है वरना यह सरकार किसानों को तबाही की कगार पर ले जाएगी प्रदेश सचिव कामिल उस्मानी ने कहा सरकार में बैठे लोग किसान के हित की बात नहीं करते हिंदू मुस्लिम का राग अलापते है लखनऊ मंडल अध्यक्ष सद्दाम रहमानी ने कहा कि इस सरकार में किसान की सुनने वाला कोई नहीं है। लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा इस भाजपा सरकार में सिर्फ और सिर्फ किसानों का उत्पीड़न हुआ है। राष्ट्रीय सचिव राजेश शुक्ला ने कहा कि भारतीय किसान संगठन किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देगा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव ने सभी अतिथियों का गर्म जोशी से स्वागत किया और कहा कि भारतीय किसान संगठन हर मोड़ पर किसान भाइयों के हक की लड़ाई मैं सबसे आगे खड़ा मिलेगा जिले के किसी भी किसान भाई को अगर किसी प्रकार की कोई समस्या होती है 24 घंटे हम उसके लिए तत्पर है। इस दौरान ,मोहम्मद इरफान गाज़ी, जिला मीडिया प्रभारी भारतीय किसान संगठन, अंबिका वर्मा, रामजी वर्मा, मनजीत मौर्य ब्लॉक अध्यक्ष, राकेश यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, अभिषेक पांडे, आनंद पांडे, इकबाल अहमद शिवम् विश्वकर्मा, रामनिवास मौर्या, अमरीश, गंगासागर, दीपक मौर्या, रामबिहारी, साबिर अली वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राधेश्याम यादव, सरोज राज, दिवेश राज, मुकेश राज, सत्यपाल यादव, साबिर अली, रिहान गाज़ी, मोहम्मद इरफान अल्वी, निसार गाज़ी आदि काफी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।







