JHANSI NEWS: भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी ने पूर्वमंत्री उमाभारती के उस मंशा का काले झण्डे दिखाकर विरोध करने का निर्णय लिया, जब उन्होंने झांसी ललितपुर संसदीय सीट से पुनः 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया। पंडित पंकज रावत ने पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में कहा गया कि देश की कद्दावर नेता पूर्व मंत्री, मुख्यमंत्री ने जब झांसी ललितपुर से 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा तो क्षेत्र की जनता ने इस विश्वास के साथ जिताकर लोकसभा भेजा कि वे बुन्देलखण्ड की बदहाल स्थिति को देश के समक्ष लाएंगी और राज्य निर्माण की मांग को अन्तिम रूप देगी जैसा कि उन्होंने स्वयं कहा था कि उनके जीतने 3 वर्ष के अन्दर राज्य निर्माण हो जायेगा। रावत ने कहा कि न उन्होंने राज्य निर्माण की बात उठाई और न ही बुन्देलखण्ड की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कोई काम किया उसका उदाहरण उनके सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिये गये ‘सड़कौरा ललितपुर जिले में उनका पैतृक गांव, व झांसी जिले का गांव श्रीनगर एवं पहुच नदी है जो उनकी उदासीनता को बता रहे हैं। जब लगे थे लापता के पोस्टर-ः रावत ने कहा कि 2014 में लोकसभा जीतने के बाद पूर्व मंत्री का 6 माह से अधिक क्षेत्र में न आना तब जब बुन्देलखण्ड का किसान आत्महत्या कर रहा था ऐसे में भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी ने पूर्व मंत्री के लापता के पोस्टर लगवाकर उन्हें ढूंढने वाले को ईनाम घोषित किया था तब कहीं जाकर दबाव में उन्हें क्षेत्र में आना पड़ा था। रावत ने कह कि क्षेत्र की जनता ने उनका स्वागत काले झण्डे दिखाकर करने का पूरा मन बना लिया है और कहा कि झूठ बोलने वाले नेताओं की जरुरत अब बुन्देलखण्ड को नहीं है।
बैठक में उपाध्यक्ष प्रभात रावत, महामंत्री प्रद्यम्न मिश्रा, कोषाध्यक्ष राजीव ओझा, संगठन मंत्री राजेश तिवारी, धरन शर्मा, बुन्देलखण्ड प्रान्त अध्यक्ष राजेन्द्र मिश्रा, एनपी सिंह, राकेश सुरोठिया, आशुतोष द्विवेदी, रघुनंदन सिंह, हरदेव, अशोक शर्मा, बीरेन्द्र मिश्रा, अजय मिश्रा, आदि उपस्थित रहे।







