चेहल्लुम पर दर्द ए कर्बला का ऐसा बयान जहां हर एक आंखें नम हो गई
KAUSHAMBI NEWS: नगर पंचायत दारानगर कड़ा धाम में चेहल्लुम के पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में अकीदत और एहतराम के साथ ताबूत बरामद किया गया। मजलिस में मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक वाक़ियात और अहलेबैत पर ढाए गए ज़ुल्म को बयान किया। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन अ.स. ने दीन और इंसानियत की हिफ़ाज़त के लिए अपने घराने सहित अज़ीम कुर्बानी पेश की, जिसकी मिसाल इतिहास में नहीं मिलती।ताबूत बरामद होने के बाद जनाब मुख्तार मेहदी उर्फ़ कैफ़ी साहब ने दर्दभरी तकरीर करते हुए कर्बला के मसाइब का ज़िक्र किया। इसके बाद जनाब बकर अली उर्फ़ इशरत, जनाब अरमान साहब और अन्य नौहाख़्वानों ने पुरसोज़ नौहे पेश किया एक क़यामत गुज़र गई भैया… सर से चादर उतर गई भैया नौहा पढ़े जाने पर पूरी मजलिस ग़म में डूब गई और अकीदतमंदों की आंखों से अश्क बह निकले।इसके बाद अंजुमन असदिया के सदस्य मातम करते हुए कर्बला पहुंचे, जहां मौलाना मेराज साहब ने मजलिस पढ़ते हुए बीबी ज़ैनब स.अ.हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अ.स. और बीबी सकीना स.अ. के मसाइब का बयान किया। अंत में अंजुमन आसदिया के सदर जनाब असद सागर ने कहा कि चेहल्लुम का पैग़ाम हज़रत इमाम हुसैन अ.स.की कुर्बानी, सब्र और हक़ की राह पर डटे रहने की सीख देता है। इस दौरान लगातारनौहाख़्वानी, मातम और सलाम पेश किए गए तथा पूरा माहौल या हुसैन की सदाओं से गूंजता रहा।







