KAUSHAMBI NEWS: एकीकृत बागवानी मिशन के अंतर्गत किसानों को बागवानी फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का पहला चरण खुशरूबाग, प्रयागराज में तथा दूसरा चरण आज बैंगवा, फतेहपुर (कौशाम्बी) में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के कई किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बागवानी फसलों की उन्नत खेती, प्रसंस्करण तकनीक और बाजार से जुड़ने के तरीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ बागवानी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इस दौरान मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी की गुणवत्ता को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने से बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही पौध प्रबंधन, पोषण प्रबंधन और मूल्य संवर्धन की तकनीकों को अपनाकर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं। वहीं वैज्ञानिक विजय किशोर सिंह ने बागवानी फसलों के प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला तथा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बागवानी आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक कृषकों ने सक्रिय सहभागिता की और विशेषज्ञों से खेती से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।







