SIDHARTHNAGAR NEWS: जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर० के दूसरे जिले में स्थानांतरण की खबर मिलते ही सिद्धार्थनगर के लोगों में गहरी उदासी छा गई। आम नागरिकों से लेकर गरीब तबके, किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों तक। हर कोई उनके कार्यकाल को याद करता दिखा। लोगों ने कहा कि डॉ. राजा गणपति आर० न केवल एक ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी रहे, बल्कि वे एक सख़्त प्रशासक भी थे, जिनकी निष्ठा और पारदर्शिता ने जिले की कार्यसंस्कृति को बदल दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सभी विभागों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया। किसी भी विभाग में लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते थे। निरीक्षण के दौरान कहीं भी कमी मिलती तो तत्काल कार्रवाई करते। यही कारण था कि हर विभाग में उनका सम्मान और खौफ दोनों बना रहता था। अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्य निपटाने और जनता से शालीन व्यवहार करने को हमेशा सतर्क रहते थे। डॉ. राजा गणपति आर० ने प्रशासन को जनता से जोड़ने का काम किया। वे न केवल कार्यालय में जनता की सुनवाई करते थे, बल्कि गांव-गांव जाकर समस्याएं जानने की परंपरा भी शुरू की। कई बार रात देर तक लोगों की शिकायतें सुनते और समाधान सुनिश्चित कराते। जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की समीक्षा उन्होंने खुद की निगरानी में कराई। उनकी सादगी और सहज स्वभाव ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था। गरीबों की मदद के लिए आगे आना, जरूरतमंदों को राहत दिलाना और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना उनकी पहचान बन गई थी। बच्चे-बच्चे की जुबान पर उनका नाम था, क्योंकि वे आम नागरिकों के बीच एक भरोसे का प्रतीक बन चुके थे। हालांकि यह सच है कि स्थानांतरण शासन की सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन जनता के दिलों में डॉ. राजा गणपति आर० के प्रति सम्मान और स्नेह हमेशा बरकरार रहेगा। लोगों ने नए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि वे भी अपने पूर्ववर्ती की तरह जिले में सुशासन, पारदर्शिता और आम जनता के त्वरित न्याय की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। जिले के एक नागरिक ने भावुक होकर कहा डॉ. राजा गणपति आर० ने सिद्धार्थनगर को नई दिशा दी। उनके आने से व्यवस्था में अनुशासन आया, और जाने से खालीपन महसूस हो रहा है। ऐसे अधिकारी बहुत कम मिलते हैं जो जनता का विश्वास जीतकर उनके दिलों में जगह बना लें।







