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इरादतगंज हवाई पट्टी पर आवास विकास योजना के अंतर्गत भूमि का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

अवैध कब्जाधारियों से सेना की जमीन होगी मुक्त। प्रशासन ने खाली करने का दिया समयष्
PRAYAGRAJ NEWS:  आवास विकास योजना के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रयागराज प्रस्तावित स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया। जनपद प्रयागराज कि बढ़ती आबादी को देखते हुए यमुनापार क्षेत्र के इरादतगंज में नई आवासीय योजना विकसित करनेकी तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित लैंड बैंक के लिए शनिवार को जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने अधिकारियों के साथ भौतिक स्थल का निरीक्षण कर जमीन की स्थिति का जायजा लिया और जरूरी निर्देश दिए । मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहर के विस्तार की योजना के तहत प्रयागराज विकास प्राधिकरण(पीडीए) चारों दिशाओं में नई आवासीय योजनाएं विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में घूरपुर के पास इरादतगंज क्षेत्र में करीब 478 हेक्टेयर जमीन पर जिलाधिकारी शनिवार को इरादतगंज में आवासीय योजना के प्रस्तावित स्थान पर पहुंचे और लेआउट प्लान पर विचार किया । टाउनशिप विकसित करने की योजना है। यहां आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों की बिक्री भी की जाएगी। शनिवार को इरादतगंज क्षेत्र में प्रस्तावित लैंड बैंक के लिए जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने क्षेत्र में उपलब्ध जमीन की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग और आसपास के इलाके का बारीकी से आकलन किया।
अधिकारियों ने बताया कि लैंड बैंक के लिए चिन्हित जमीन की उपलब्धता और उपयोगिता का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे भविष्य में विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशदिया कि भूमि से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और प्रस्तावित योजना के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की इस पहल से यमुनापार क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा की।प्रयागराज के घूरपुर स्थित इरादतगंज में सेना की 1200 एकड़ अनुपयोगी हवाई पट्टी पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) टाउन सिटी बनाने की तैयारी कर रहा है। इस घोषणा से जहां एक ओर लोगों में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर हवाई पट्टी पर अवैध कब्जा करने वालों में खलबली मच गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इरादतगंज हवाई पट्टी पर आवासीय योजना विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस योजना के तहत एक हाई-टेक टाउन सिटी का विस्तार किया जाएगा।पीडीए के उच्च अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज और सचिव अजीतकुमार सिंह ने कुछ दिन पहले इरादतगंज सेना की हवाई पट्टी का दौरा किया था। दोनों अधिकारियों ने हवाई पट्टी का निरीक्षण कर प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच की। शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष वर्मा, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज, पीडीए सचिव अजीत सिंह, एसडीएम करछना भारती मीणा और जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने सेना की इस जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित लैंड बैंक के लिए स्थल का सर्वेक्षण किया और भूमि की उपलब्धता तथा भौगोलिक स्थिति काआकलन किया।पीडीए सचिव अजीत सिंह ने बताया कि सेना से जमीन लेने के लिए बातचीत अंतिम दौर में है। यदि सब कुछ ठीक रहा,तो पीडीए जल्द ही हवाई पट्टी के हस्तांतरण के लिए आवेदन कर सकता है। तीन दशक से लावारिस पड़ी इरादतगंज हवाई पट्टी कीआधे से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर गांव, बस्तियांबस चुकी हैं। इन जमीनों पर खेतीबाड़ी, ईंट भट्टे और स्कूल संचालित हैं। अवैध कब्जाधारियों ने सेना की जमीन से 10-20 फीट मिट्टी खुदाई कर बेच चुके है।चैखटा, बगबना, हरिहरपुर, सुल्तनवा, बोगी, दुबना,बलापुर, बलीपुर, नरायहवा, मुरादपुर और चक जैसे दर्जन भर गांव सेना की जमीन पर अवैध कब्जे से प्रभावित हैं। इन गांवों के कब्जाधारियों में बेदखली का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार,इरादतगंज हवाई पट्टी का निर्माण दूसरे विश्व युद्ध से पहले हुआ था। 1971 के भारत-पाक युद्ध में इस हवाई पट्टी ने रणनीतिक भूमिका निभाई थी। भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान यहां से लड़ाकू विमान उड़ान भरते थे।प्रयागराज के घूरपुर स्थित इरादतगंज में सेना की 1200 एकड़ अनुपयोगी हवाई पट्टी पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) टाउन सिटी बनाने की तैयारी कर रहा है। इस घोषणा से जहां एक ओर लोगों में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर हवाई पट्टी पर अवैध कब्जा करने वालों में खलबली मच गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इरादतगंज हवाई पट्टी पर आवासीय योजना विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस योजना केतहत एक हाई-टेक टाउन सिटी का विस्तार किया जाएगा।पीडीए के उच्च अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज और सचिव अजीतकुमार सिंह ने कुछ दिन पहले इरादतगंज सेना की हवाई पट्टी का दौरा किया था। दोनों अधिकारियों ने हवाई पट्टी का निरीक्षण कर प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच की। शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष वर्मा, पीडीए उपाध्यक्षऋषिराज, पीडीए सचिव अजीत सिंह, एसडीएम करछना भारती मीणा और जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने सेना की इस जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित लैंड बैंक के लिए स्थल का सर्वेक्षण किया और भूमि की उपलब्धता तथा भौगोलिक स्थिति काआकलन किया।पीडीए सचिव अजीत सिंह ने बताया कि सेना से जमीन लेने के लिए बातचीत अंतिम दौर में है। यदि सब कुछ ठीक रहा,तो पीडीए जल्द ही हवाई पट्टी के हस्तांतरण के लिए आवेदन कर सकता है।तीन दशक से लावारिस पड़ी इरादतगंज हवाई पट्टी कीआधे से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर गांव, बस्तियांबस चुकी हैं। इन जमीनों पर खेतीबाड़ी, ईंट भट्टे और स्कूल संचालित हैं। अवैध कब्जाधारियों ने सेना की जमीन से 10-20 फीट मिट्टी खुदाई कर बेच चुके है।चैखटा, बगबना, हरिहरपुर, सुल्तनवा, बोगी, दुबना,बलापुर, बलीपुर, नरायहवा, मुरादपुर और चक जैसे दर्जन भर गांव सेना की जमीन पर अवैध कब्जे से प्रभावित हैं। इन गांवों के कब्जाधारियों में बेदखली का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार,इरादतगंज हवाई पट्टी का निर्माण दूसरे विश्व युद्ध से पहले हुआ था। 1971 के भारत-पाक युद्ध में इस हवाई पट्टी ने रणनीतिक भूमिकानिभाई थी। भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान यहां से लड़ाकू विमान उड़ान भरते थे।