Home उत्तर प्रदेश इथीरियल मेलोडीज़ का आठ वां कार्यक्रम की प्रस्तुति सकुशल संपन्न

इथीरियल मेलोडीज़ का आठ वां कार्यक्रम की प्रस्तुति सकुशल संपन्न

PRAYAGRAJ NEWS: रविवार को अशोक नगर सर्किट स्तिथ एनसीजेडसीसी प्रेक्षागृह में करन कुमार की शानदार प्रस्तुति से तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा भवन। अशोक नगर स्तिथ एनसीजेडसीसी मे संगीत भरी शाम ईथरियल मेलोडीज़ आठ वां कार्यक्रम बड़े ही शानदार तरीक़े प्रस्तुत किया गया। प्रयागराज के सुप्रसिद्ध डॉ.रंजना एवं डॉ.कमल कुमार के सुपुत्र करन कुमार ने अपनी शानदार कला उँगलियों के नृत्य से संगीत का जादू बुनने की कला दिखाई वह अपनी बेहतरीन कला से दुनियां भर मे जाने जाते हैं। उन्होंने संगीत की दुनियां मे एक अलग पहचान बनाई है। आपको बता दे की उनकी संगीत यात्रा 12 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही कड़ी मेहनत औऱ लगन से शुरू हुई थी जब उन्होंने बॉलीवुड संगीत के गीत बजाना शुरू किया। हर गाने की एक कड़ी बेहतरीन तरीक़े से लीरिक को पेश करते है उनकी पकड़ संगीत के शब्दों मे मजबूती से बनी हुई है। करन ने बताया की बोर्ड पर शास्त्रीय राग बजाना अपने गुरु पंडित रेवती रमन चतुर्वेदी से सीखा और प्रयागराज के प्रतिष्ठित प्रयाग संगीत समिति से शास्त्रीय संगीत मे शिक्षा दिक्षा हासिल किया औऱ अव्वल आए। ईश्वर की कृपा माता पिता के आशीर्वाद से आज मै यहां तक पहुंचा हूँ मेरी बहन डॉ. शिवांजलि का भी मुझे मार्गदर्शक समय समय पर मिलता रहा सभी का प्यार आशीर्वाद मेरे ऊपर है। आज इस कार्यक्रम शाम की शुरुआत ईश्वर की बंदना बेबी ध्यारा द्वारा भारतनाट्यम नृत्य  शानदार संस्कृतिक कार्यक्रम से प्रस्तुति पेश की गई उसके बाद करन ने वादन राग भीमपलासी के साथ शुरआत करी, जिसके बाद बॉलीवुड फिल्मों के 9 अतिसुंदर गाने बजाए गए। इनमें जाने जान ढूंढता फिर रहा…ए दिल ए मुश्किल…. यह जो मोहब्बत है… मैं शायर तो नहीं…. लैला ओ लैला…. मेरे रश्के कमर’ आदि शामिल थे। करण ने स्प्लिट सेकेंड प्रिसिशन के साथ बजाया और नोट्स स्क्रीन पर दृश्यों से सटीक रूप से मेल खाते रहे। ऑन-स्क्रीन प्रदर्शित की-बोर्ड पर करन की उंगलियों की हरकत देखना एक आनंददायक अनुभव दर्शकों के लिए रहा। दिल्ली के अर्जुन कपूर ने अपने गिटार की संगत पर एक मधुर गीत गाया। उन्होंने करण के लाइव प्ले के साथ-साथ ‘ओ मेरे दिल के चैन गाया “शो” की संचालन सुश्री शुभ्रा चतुर्वेदी और डॉ. शिवांजलि कुमार चतुर्वेदी ने की। उन्होंने कहा संगीत में रोग निवारण की शक्ति होती है। इस संगीत कार्यक्रम ने ठीक वैसा ही किया इसने हमें संगीत की खूबसूरत दुनिया में जाने का अवसर प्रदान किया। इस कार्यक्रम मे मुख्यरूप से न्यायमूर्ति पियूष अग्रवाल, पूर्व न्यायमूर्ति अरुण टंडन,पूर्व न्यायमूर्ति भारतीय सप्रू पूर्व प्रोफ़ेसर मेडिकल कॉलेज सहाय, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी, रौनक चतुर्वेदी डॉ. डी. के निगम, डॉ. कार्तिकेय, डॉ. शशांक, डॉ. मुकुल पांडेय, डॉ. ओपी जायसवाल, डॉ. पीके सिन्हा, अविनाश माहेश्वरी प्रयागराज शहर के सम्मानित हस्तिया मौजूद रहे।