Home आस्था अहंकार व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाता है-आचार्य नैतिक मिश्रा

अहंकार व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाता है-आचार्य नैतिक मिश्रा

SONBADHR NEWS: घोरावल तहसील क्षेत्र के सिद्धि गांव में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ एवं कथा के तीसरे दिन बुधवार को यजमान प्रेमनाथ पांडेय द्वारा व्यास पीठ की पूजा आरती के बाद कथा प्रारंभ हुई। कथा व्यास आचार्य नैतिक मिश्रा ने श्रीमद्भागवत कथा का विस्तार करते हुए भगवान श्री हरि विष्णु के मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, परशुराम, राम, कृष्ण समेत 24 अवतारों, विदुर चरित, समुद्र मंथन इत्यादि का वर्णन किया। उन्होंने कहा मानव मन ही संसार सागर है।मानव के भीतर अच्छे और बुरे विचारों द्वंद ही देवता और दानव के द्वारा किया जाने वाला मंथन है।जिसके अंदर के दानव जीत गए उसका जीवन दुःखी परेशान और कठिनाइयों से भरा होगा।जिसके अंदर के देवता जीत गए उसका जीवन सुखी और आनंदमय होगा। परमात्मा की परम कृपा से ही मानव जीवन मिला है।इसलिए हिंसा ,शराब का सेवन,महिलाओं के साथ शोषण ,जुएं और सटटे वगैरह से बचना चाहिए।निर्लिप्त भाव से परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए। कथा वाचक गणेशदेव पांडेय ने भगवान शिव और माता सती की कथा सुनाते हुए कहा कि अहंकार व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाता है। दक्ष का अहंकार उसे ले डूबा।नारद को भी अपने तप और ज्ञान का अहंकार हो गया था, जिसे प्रभु ने नष्ट कर उनका कल्याण किया। अहंकार प्रभु का भोजन है, जिसका पान कर वे भक्तों का परम कल्याण करते हैं। कथा के पूर्व सुबह विधि विधान से पं. हरीराम मिश्रा ने यज्ञ कराया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर कृष्ण कुमार मिश्र,कमलेश मिश्र,रवि चौबे, विशाल, रोहित, ईशु, उमाकांत, दिवाकर, अंकुल मिश्र,लवकुश पाठक,वेद प्रकाश मिश्र, मोहन तिवारी,सोहन तिवारी इत्यादि मौजूद रहे।