SAHARANPUR NEWS: दशलक्षण धर्म पूजन के दुसरे दिन भक्तिपूर्ण वातावरण मे भगवान महावीर स्वामी का जलाभिषेक कर पूजन किया गया। दशलक्षण पर्व के दुसरे दिन अरिहंत जैन शास्त्री द्वारा उत्तम मादिव धर्म के बारे मे बताते हुए कहा कि उत्तम मादिव धर्म का तात्पर्य परिणामो मे निर्मलता ओर कोमलता से है।उन्होंने बताया कि मनुष्य अहंकार के वशीभूत होकर अपने मान के लिए अच्छे बुरे कार्य करता है, आत्म स्वभाव के आश्रय से मान कषाय का उतपन्न ही ना होना उत्तम मादव धर्म है। इस अवसर पर जैन समाज की महिलाओ द्वारा धार्मिक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। अनुपम जैन, राकेश जैन, तरसेम जैन, नीरज जैन, सपना जैन रेनू जैन, दीप्ती जैन आदि बड़ी संख्या मे महिला पुरुष मौजूद रहे।







