किसानों ने मार्केटिंग इंस्पेक्टरों पर तौल न कराने का लगाया आरोप
FATEHPUR NEWS: नगर पंचायत असोथर स्थित असोथर क्रय केंद्र में मंगलवार दोपहर तहसीलदार अमरेश कुमार एवं नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेई ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर एवं नेफेड के तीनों कांटों पर रखे धान के बोरों की गिनती कराई गई। निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और तहसीलदार को घेरकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। किसानों ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर ललित कुमार, रामदयाल तिवारी, शेखर मौर्य एवं अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के धान की वास्तविक तौल कराने के बजाय केवल मिल संचालकों की रिसीट ही पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि शासनादेश के अनुसार धान की खरीद 28 फरवरी तक होनी थी, लेकिन इस बार 15 जनवरी से ही क्रय केंद्र बंद कर दिया गया और गेट पर ताला लटकने से किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। मंडी परिसर में पहले से रखा धान भी अब तक तौला नहीं गया है, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जिले का खरीद लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है। किसानों की समस्या को देखते हुए पहले 50 हजार कुंतल तथा बाद में पुनः 5 हजार कुंतल का लक्ष्य बढ़ाया गया, इसके बावजूद मंडी में रखा धान नहीं तौला गया और बाहर से धान लाने पर भी रोक लगा दी गई। किसानों का आरोप है कि मिलों की रिसीविंग लगातार पोर्टल पर दर्ज की जाती रही, लेकिन किसानों का धान तौला नहीं गया। इससे किसान शादी-विवाह, बच्चों की फीस, खाद-बीज और घरेलू जरूरतों के लिए एक-एक रुपये को मोहताज हो गए हैं। सोमवार को जब किसानों को जानकारी मिली कि तहसीलदार अमरेश कुमार, नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेई एवं मार्केटिंग इंस्पेक्टर क्रय केंद्र पर मौजूद हैं, तो बनपुरवा, रानीपुर, असोथर, सुजानपुर, हरनावा सहित आसपास के गांवों के किसान बड़ी संख्या में मंडी परिसर पहुंच गए और धान की तौल की मांग करने लगे। किसानों के दबाव को देखते हुए तहसीलदार अमरेश कुमार ने आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों से पत्राचार कर पुनः खरीद लक्ष्य बढ़वाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसानों का धान खरीदा जा सके। आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। इस मौके पर किसान रघुराज, सुक्कू, बृजेश, जुगराज, जयकरन, अरविंद, सोमनाथ, आशापाल, शिवेंद्र पाल, दिनेश, राजू, संदीप, श्रवण कुमार, धर्म सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने इस संबंध में आरएफसी प्रयागराज से भी शिकायत दर्ज कराई है। किसानों ने कार्यवाहक डिप्टी आरएमओ समीर शुक्ला पर भी आरोप लगाया कि यदि क्रय केंद्रों पर धान खरीद की लिमिट दुगुनी कर दी जाती, तो लक्ष्य इतनी जल्दी समाप्त नहीं होता और किसानों का धान समय से तौला जा सकता था। किसानों का कहना है कि यह जिले के इतिहास में पहली बार हुआ है जब 19 जनवरी को ही धान खरीद का लक्ष्य समाप्त हो गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, तो आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।







