PRAYAGRAJ NEWS: मुकद्दस माह रमजान के आखिरी जुमा पर अलविदा की नमाज पूरी शांति और अकीदत के साथ अदा की गई। खुदा की बारगाह में सजदा कर अमन, चैन और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज के बाद चैक जामा मस्जिद, शाह वसीउल्लाह मस्जिद रोशनबाग, चक शिया जामा मस्जिद, मस्जिद बीबी खदीजा करेली, अबूबकर मस्जिद करेली व सिविल लाइंस स्थित हरी मस्जिद सहित बड़ी-छोटी मस्जिदों में माहे रमजान की फजीलत बयां की गई।जहां शुक्रवार को रमजान के 23 रोजे मुक्कमल हो गए, वहीं चैथा जुमा जुम्मतुल विदा का आखिरी जुमा समझकर पढ़ा गया। मस्जिदों में तय समय पर अजान दी गई। मस्जिदों से नमाजियों को खुत्बा सुनाते हुए इमामों ने रमजान की फजीलत बयां की। जिसमें इस्लाम की सबसे पाक और अकीदत से उस कुरान के एक-एक पारे व एक-एक हुरुफ पर अमल करने पर रोशनी डाली गई। खुत्बे में बताया गया कि हमें अपने धर्म और अल्लाह द्वारा भेजी गई पाक किताब की पंक्तियों पर नाज करते हुए अमल करना चाहिए लेकिन हम अपने मुल्क के कानून का उल्लंघन करते हैं तो हम गुनहगार भी होंगे।कई मस्जिदों में नमाज के बाद बाहर निकले अकीदतमंदों के हाथों में काली पट्टी बंधी हुई दिखाई दी। ऐसा अमेरिका व इजराइल के ईरान पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में किया गया। साथ ही इजराइल की कैद में बैतुल मुकद्दस को आजादी नहीं दी जाने का भी विरोध भी खूब देखा गया।







