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अपार में दर्ज होगी 12वीं तक के विद्यार्थियों की श्शैक्षिक कुंडलीश् अपार आइडी शैक्षणिक, करिअर में जीवन भर उपयोगी रू बीएसए: अनिल कुमार

PRAYAGRAJ NEWS: कहा कि अपार आईडी के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य राष्ट्र एक विद्यार्थी आइडी की संकल्पना पर शिक्षा विभाग कार्य कर रहा है। कक्षा एक से 12वीं तक के प्रत्येक विद्यार्थियों की 12 अंकों की यूनीक आईडी अपार (आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह आइडी यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आइसीएसई, मदरसा, संस्कृत शिक्षा सहित सभी जगहों पर बनाई जा रही है। इनका प्रयोग देशभर में किया जा सकेगा। यह आइडी विद्यार्थी का संपूर्ण विवरण देने में पूरी तरह से सक्षम होगी। बीएसए अनिल कुमार ने आज बताया कि इस योजना से प्रयागराज के 6673 परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, आईसीएसई, सीबीएसई, समाज कल्याण के आश्रम पद्धति विद्यालय, श्रम विभाग के अटल आवासीय विद्यालय एवं मदरसा बोर्ड में पढ़ने वाले लगभग 12.05 लाख छात्र-छात्राएं आच्छादित होगें। बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि अपार आईडी के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य है। प्रत्येक छात्र छात्रा के अकादमिक इतिहास का विवरण डिजिलाकर में संरक्षित रहेगा। जैसे शैक्षिक योग्यता प्राप्त ग्रेड, सर्टिफिकेट, विभिन्न संस्थाओं में बच्चों की उपलब्धि आदि को इसकी मदद से जाना जा सकता है। यह विभिन्न संस्थाओं में स्थानांतरणीय है। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि इस अपार आइडी शैक्षणिक एवं करिअर में जीवन भर उपयोगी है। बच्चों के भौतिक अभिलेखों यथा अंकपत्रों, स्थानांतरण प्रमाण पत्रों के खो जाने का डर नहीं रहेगा। ड्राप आउट बच्चों की ट्रैकिंग कर उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना आसान हो जायेगा। यू डायस पोर्टल पर दर्ज बच्चों के डाटा के आधार पर अपार आइडी का निर्माण होगा। यू डायस के स्टूडेंट माड्यूल पर क्लिक करके संक्षिप्त विवरण भरते ही अपार आइडी सृजित हो जायेगी। यूडायस पोर्टल पर विद्यालय पंजीकृत नहीं होने पर विद्यालय मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जायेगी। बीएसए ने अभिभावकों से कहा है कि बिना यू डायस कोड वाले विद्यालयों में अपने बच्चों का प्रवेश न कराएं। विद्यालय के प्रबंधक ध् प्रधानाध्यापक शत-प्रतिशत बच्चों का डाटा यू-डायस पोर्टल पर अंकित करें।