Home उत्तर प्रदेश अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी बारा एवं तहसीलदार के खिलाफ खोला मोर्चा और किया...

अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी बारा एवं तहसीलदार के खिलाफ खोला मोर्चा और किया प्रदर्शन ट्रांसफर न होने तक न्यायिक-तहसील के समस्त कार्यों का करेंगे बहिष्कार।

8
0

बारा(प्रयागराज)। जनपद के बारा तहसील परिसर में बुधवार कोअधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने
प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, तब तक वे न्यायिक और तहसील के कार्यों का
बार एसोसिएशन बारा के मंत्री अनिल द्विवेदी ने बताया कि एसडीएम बारा प्रेरणा गौतम और तहसीलदार रोशनी सोलंकी के कार्य व्यवहार से अधिवक्ताओं और आम जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में काम कराने के लिए सुविधा शुल्क के नाम पर पैसे लिए जाते हैं। बिना पैसे दिए किसी भी पत्रावली पर कार्य नहीं किया जाता, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में आने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों के कार्य भी बिना पैसे के नहीं हो पा रहा हैं। कई बार अधिवक्ताओं ने इस समस्या को अधिकारियों के अवगत कराया लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश बढ़ता गया और अंततः उन्हें विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील में मनमानी का माहौल है और पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने कहा कि जिन पत्रावलियों में पैसे लगाए जाते हैं, उन्हीं पर तेजी से कार्य होता है, जबकि अन्य मामलों को लंबे समय तक लंबित रखा जाता है। इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम प्रेरणा गौतम और तहसीलदार रोशनी सोलंकी का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक अधिवक्ता तहसील के सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा
कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होगा।

अधिवक्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच

कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहींइस पूरे मामले को लेकर तहसील परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही और माहौल गरमा रहा। अधिवक्ताओं की नाराजगी कोलेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।