प्रतापगढ़ साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन ऐप के माध्यम से की जा रही अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी पंकज कुमार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले इसी प्रकरण में 11 जुलाई 2025 को तीन अन्य आरोपियों शिवम तिवारी, अनुराग शुक्ला और अंकित पाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान पंकज कुमार ने बताया कि पहले गिरफ्तार किया गया अंकित पाल उसका दोस्त है।
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आशीष श्रीवास्तव (निवासी आलमबाग, लखनऊ) और अन्य साथियों के साथ मिलकर सीधे-साधे लोगों को बहला-फुसलाकर उनके पहचान पत्रों पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में अन्य व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर लिंक कराए जाते थे। इसके बाद सिम कार्ड और बैंक किट हासिल कर उन्हें कूरियर के जरिए बिहार और असम में सक्रिय साइबर अपराधियों तक भेज दिया जाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग ऐप, ट्रेडिंग ऐप और लोन ऐप के माध्यम से लोगों से ठगी करते थे। ठगी से प्राप्त रकम इन फर्जी खातों में मंगाई जाती थी, जिसे बाद में निकालकर आपस में बांट लिया जाता था।
पंकज कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में सूरज यादव (निवासी ग्राम खम्हरिया गंगाराम, मझौवा बाबू हरैया, जनपद बस्ती) इस गिरोह के लिए काम कर रहा है।
पंकज कुछ लोगों के एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक सूरज को भेज देता था। जैसे ही ठगी की रकम खातों में आती, पंकज व्हाट्सएप कॉल या मैसेज के जरिए सूरज को सूचना देता था। इसके बाद सूरज एटीएम से रकम निकालकर अपने खाते में जमा करता और फिर पंकज के बताए गए खातों या क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर कर देता था।
पुलिस के मुताबिक, अपने बचाव के लिए पंकज कुमार मोबाइल से सभी संबंधित मैसेज और कॉल डिलीट कर देता था। साइबर थाना पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।







